बस्ती। सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय आने के दूसरे दिन भी शिक्षा मित्र और समायोजित शिक्षकों का आंदोलन जारी रहा। बृहस्पतिवार स्कूलों को जबरिया बंद करवा शिक्षक बीएसए कार्यालय एकत्रित हुए। यहां पर सभी ने केंद्र और राज्य सरकार के रवैये को जमकर कोसा। कहा कि सभी सरकारों ने उन्हें धोखा दिया, उनका इस्तेमाल किया गया।
सभा के बाद शिक्षा मित्र मार्च करते हुए कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और वहां पर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया। इस दौरान कमिश्नरी कार्यालय में भारी सुुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम किया गया था। शिक्षक नेताओं में इस बात को लेकर आक्रोश दिखा कि प्रदेश सरकार ने निर्णय आने के बाद अभी कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया। शिक्षक संगठनों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि जब तक प्रदेश सरकार समस्या का हल नहीं निकालती चरणबद्ध ढंग से आंदोलन जारी रखा जाएगा। शुक्रवार को नागपंचमी के दिन शिक्षा मित्र, समायोजित शिक्षक डीएम कार्यालय पर धरना देंगे। वे नाग पंचमी का त्यौहार नहीं मनाएंगे। बीएसए कार्यालय पर धरना और सभा को प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष चंद्रिका सिंह, शांति भूषण त्रिपाठी, अभय सिंह यादव, शैल शुक्ल, आनंद दूबे, राम विलास चौधरी, संतोष भट्ट, वीरेन्द्र शुक्ल, प्रवीण श्रीवास्तव, मुक्तेश्वर यादव, राम पराग चौधरी, विजय बहादुर यादव आदि ने संबोधित किया। कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं ने आश्वासन दिया था कि शिक्षा मित्र और समायोजित शिक्षकों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होगा। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में भी इसका उल्लेख किया किंतु सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद प्रदेश सरकार की चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण है। मांग किया गया कि मुख्यमंत्री तत्काल इस सम्बन्ध में प्रभावी निर्णय ले जिससे शिक्षा मित्र, समायोजित शिक्षक आन्दोलन की जगह शैक्षणिक कार्यो से जुड़े।
धरने के बाद शिक्षकों का काफिला सरकार विरोधी नारे लगाते हुए मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचा। मण्डलायुक्त ने ज्ञापन लेते हुए प्रकरण को शासन तक पहुंचाने की बात कही, इससे इस समस्या का समुचित हल निकल सके। इस मौके पर राघवेन्द्र उपाध्याय, रजनीश मिश्र, गिरजेश दूबे, सन्तोष शुक्ल, प्रदीप दूबे, दिनेश उपाध्याय, संदीप सिंह, प्रदीप चौधरी, राघवेन्द्र सिंह, अनन्त पाण्डेय, शिवनाथ चौधरी, राम प्रकाश वर्मा, शिवकुमार चौधरी, सुशीला देवी, सुमन मिश्रा, मीतू श्रीवास्तव, वंदना पाण्डेय, पूनम चौधरी, चन्दा शुक्ल, सुनीता चौधरी, अर्चना वर्मा, नीलम त्रिपाठी, विन्दू यादव, संगीता यादव, मुद्रिका सिंह, अवन्तिका मिश्र सहित अन्य मौजूद रहे।
कई संगठनों न दिया समर्थन
समायोजन निरस्त होने पर आंदोलन कर रह शिक्षा मित्रों के आंदोलन का समर्थन राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, मिड डे मील रसोईया कर्मचारी यूनियन और आदर्श समायोजित शिक्षक, शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन ने समर्थन दिया। कहा कि शिक्षामित्रों का आंदोलन जायज है। इस पर प्रदेश सरकार विचार करना चाहिए।