बस्ती। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में शनिवार को जनपद न्यायालय, कलक्ट्रेट समेत सभी तहसीलों एवं ग्राम न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया।
इस दौरान जिले भी विभिन्न तरह के कुल 60,706 वाद सुलह-समझौते के आधार निस्तारित किए गए। जबकि 7 करोड़ 88 लाख 39 लाख 484 रुपये की राजस्व प्राप्ति भी की गई।
जनपद न्यायालय में लोक अदालत के दौरान प्रदर्शनी भी लगाई गई। जिला जज/ अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शमसुल हक ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उनके साथ द्वितीय अपर जिला जज/नोडल अधिकारी, लोक अदालत जेबा मजीद के कुशल मार्गदर्शन में सुनवाई शुरू हुई।
प्राधिकरण के सचिव अपर जिला जज अनिल कुमार ने नेतृत्व संभाला। जनपद न्यायालय परिसर, सभी ग्राम न्यायालय, सभी तहसील, राजस्व न्यायालय, कलक्ट्रेट में विभिन्न प्रकार के कुल 60706 वादों का सुलह- समझौते के आधार पर निस्तारण कराया गया।
इसमें बैंक ऋण व अन्य प्रकार से संंबंधित प्री-लिटिगेशन स्तर पर 58629 मामलों को एवं न्यायालयों के 2077 वादों का निस्तारण शामिल है। लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण से कुल 84 मामले निस्तारित किए गए। इनसे 5 करोड़ 76 लाख 91 हजार की धनराशि क्षतिपूर्ति के रूप में वसूली गई। आपराधिक वादों के निस्तारण में 153144 की धनराशि अर्थदंड के रूप में वसूल की गई। अन्य मामलों का मिलाकर कुल 7 करोड़ 88 लाख 39 हजार 484 रुपये की धनराशि वसूल की गई है।
इसके अतिरिक्त प्री लिटिगेशन स्तर के बैंक ऋण के 777 मामलों को निस्तारण करके बैंकों द्वारा 6 करोड़ 32 लाख 73 हजार 982 रुपये की धनराशि पर समझौता किया गया। परिवार न्यायालय से कुल 53 मामलें सुलझाए गए। सुनवाई के दौरान डीएम कृत्तिका ज्योत्सना, एसपी अभिनंदन, पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण मो. रिजवानुल हक, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय आराधना रानी, अपर जिला जज प्रथम शिव चंद आदि ने योगदान दिया।