अतिक्रमण करनेवाले 58 लोगों को नोटिस
बस्ती। नगर को अतिक्रमण मुक्त करने की तैयारी पूरी हो गई है। नगर पालिका प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए 58 लोगों को नोटिस भेजा है। लोगों को आवागमन में आ रही बाधा से निजात दिलाने के उद्देश्य से नगर पालिका ने सक्रियता बढ़ाते हुए अतिक्रमणकारियों से अब शपथ पत्र लेने की भी तैयारी की है जिससे वे भविष्य में अतिक्रमण ने कर सकें।
मालवीय मार्ग पर अतिक्रमण के चलते आवागमन में बाधा झेल रहे लोगों को राहत देने के लिए पालिका ने अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। मालवीय मार्ग के 58 लोगों को पालिका प्रशासन ने नोटिस जारी किया है। अतिक्रमणकारियों को इस बार पालिका कार्रवाई के बाद शपथ पत्र लेगी जिससे वे भविष्य में अतिक्रमण करने से परहेज करें।
मालवीय मार्ग पर अतिक्रमण की स्थिति यह है कि जवाहर लाल चौराहे की दोनों पटरियों पर नालों तक लोगों का स्थायी कब्जा है। इसके बाद दुकानदार अपना सामान आदि भी सड़क पर ही रख देते हैं। यहां एक पटरी पर घरेलू व अन्य सामानों की दुकानें हैं तो दूसरी पटरी पर वाहनों की मरम्मत की दुकान चलती है। नतीजतन दोनों ओर की पटरियां व सड़क सिकुड़ गई हैं। इसके आगे लोगों ने तो पटरी व नगर पालिका की जमीन तक कब्जा कर लिया है। कई बार इसके लिए प्रशासन ने प्रयास किया, मगर रसूख के आगे मामला टल गया। यह क्रम लगातार ब्राह्मण महासभा तक जारी है। दोनों पटरियों पर अवैध कब्जेदारों ने स्थायी व अस्थायी कब्जा किया गया है।
कहीं, भवन सामग्री की दुकानों ने नाला व पटरी तक बालू मोरंग व सरिया जमा कर रखा है तो कहीं, वाहन मरम्मत के चलते पटरियों तक कब्जा किया गया है। यही नहीं, यहां कई बार अतिक्रमण के चलते दुर्घटना भी हो गई है, मगर इसे लेकर प्रशासन की ओर से अब तक कुछ भी कदम नहीं उठाया जा सका है। प्रशासन इसे लेकर इस बार गंभीर है और अब तक मालवीय मार्ग के 58 लोगों को नोटिस भेजा है।
बोले अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी अखिलेश त्रिपाठी ने कहा कि सड़क पर अवैध कब्जा करने वालों से पालिका अब सख्ती से निपटेगा। मालवीय मार्ग पर तो लोगों ने सड़क की पटरी तक स्थायी व अस्थायी कब्जा कर रखा है। अब तक 58 ऐसे लोगों को चिह्नित किया गया है जिन्होंने सड़क तक स्थायी व अस्थायी कब्जा जमाया है। इनके खिलाफ नोटिस जारी किया गया है। इस बार इनसे शपथ पत्र भी लिया जाएगा जिससे सरकारी जमीन पर वे अतिक्रमण करने की हिम्मत न जुटा सकें।