बस्ती। सरकार ने फसली ऋण माफी योजना के दायरे में आने वाले 88 हजार से अधिक किसानों को बड़ी राहत देने का एलान किया है। शासन ने ऋण माफी से पहले किसानों से लिए जाने वाले नोटरी शपथ-पत्र देने की बाध्यता को समाप्त कर दिया है। यह निर्णय किसानों की समस्याओं और अनावश्यक खर्च को देखते हुए लिया गया। इसके स्थान पर किसानों को स्वप्रमाणित घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करना होगा।
इसमें किसानों की ओर से यह कहा जाएगा कि अगर गलत तरीके से योजना का लाभ लेते पाया गया तो उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाए। इस स्वप्रमाणित प्रारूप पर लेखपाल किसानों के घर जाकर उनसे हस्ताक्षर कराएंगे। एडीएम भगवान शरण ने बताया कि लेखपाल बैंकों द्वारा उपलब्ध कराए गए किसानों की सूची को घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। बताया कि सत्यापन का कार्य हर हाल में 12 अगस्त से पहले हो जाना है।
कृषक ऋण मोचन योजना के तहत जिले में 88 हजार से अधिक किसानों का तीन अरब 26 करोड़ रुपये का कर्ज माफ होना है। इस योजना को स्थानीय स्तर पर अंतिम रूप दिया जा रहा है। बृहस्पतिवार को इसे लेकर एडीएम भगवान शरण, नोडल जिला कृषि अधिकारी, एनआईसी के यूवी मल्ल और लीड बैंक के मैनेजर ने दिनभर होमवर्क किया। पहले चरण में योजन का लाभ पाने वाले 32913 किसानों के सत्यापन और उनसे स्वप्रमाणित घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर कराने के लिए जिले भर के लेखपालों को लगाया गया। गांववार किसानो की सूची बनाई जा रही है। पात्र-अपात्र का सत्यापन कराने का निर्णय हुआ। एडीएम ने बताया कि पहले चरण में उन्हीं किसानों को योजना का लाभ मिलेगा जिन्होंने आने आधार कार्ड को बैंक से लिंक करा लिया है। बताया कि इस तरह के 32916 किसान सामने आएं हैं, अवशेष के लिए कैंप लगाकर आधार कार्ड बनवाने की व्यवस्था बनाई जा रही है। बताया कि किसानों का सत्यापन हो जाने के बाद सूची को शासन भेजा जाएगा। बताया कि उम्मीद है कि सितंबर के पहले सप्ताह में कैंप लगाकर ऋण माफी का पत्र किसानों को दे दिया जाएगा। कैंप कहां-कहां लगे इसका निर्णय अभी नहीं हुआ है।