13.81 करोड़ के अंत्येष्टि स्थल निर्माण के मामले में किए गए फर्जीवाड़े में 76 प्रधानों और सेक्रेटरी को नोटिस जारी किया गया है। बृहस्पतिवार को सीडीओ हर्षिता माथुर ने बताया कि गुणवत्ता में सुधार और निर्माण कार्यों को पूरा करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया। साथ ही एक प्रधान और एक सेक्रेटरी के खिलाफ विधिक कार्रवाई के लिए राय मांगी गई है।
शासन ने 70 अंत्येष्टि स्थल निर्माण के लिए 13.81 करोड़ जारी किया। जिसके तहत वर्ष 2014-15 में 13, वर्ष 2015-16 में 14 और वर्ष 2016-17 में 42 अंत्येष्टि स्थल का निर्माण होना था। एक अंत्येष्टि स्थल निर्माण की लागत 13 से 24 लाख बताई गई। डीपीआरओ ने रकम को सीधे ग्राम पंचायतों को भेज दिया था। ग्राम पंचायतों को पहली किश्त का सत्यापन कराए बिना विभाग ने दूसरी किश्त भी जारी कर दी। जो धन के बंदरबांट का कारण बना। इसे लेकर दो डीपीआरओ की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। तत्कालीन सीडीओ अंजनी कुमार सिंह ने जब इसकी जांच कराई तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इस खेल में प्रधान, सेक्रेटरी और फर्जी एमबी कराने वाले अवर अभियंता फंस रहे हैं। जांच रिपोर्ट में कहीं गुणवत्ता खराब तो कहीं पर आरसीसी के स्थान पर टिनशेड का लगना पाया गया। अधिकतर का तो निर्माण ही नहीं हुआ।
इनको जारी हुआ नोटिस
परवरपारा, नागपुर कुंवर, बनगवांखास, धोबही, हरिगांव, कुसमौरडीह ब्लॉक परशुरामपुर, लखना, चरथीकथित, खेमराजपुर, सोनबरसा, अमोढ़ा, मड़नामांझा, अकला, गौरियानैन व पूरेचेतन ब्लॉक विक्रमजोत, कोप, गोनार, अकेला कवेरपुर, मेहनौना, लालगंज व टेंगरिया राजा ब्लॉक कुदरहा, केंवचा, सर्रैयाखुर्द, बेईली, अठदमा व धौरहरा ब्लॉक बहादुरपुर, बांसगांव, रमया व उभाई ब्लॉक हर्रेया, रामापुर व कठौतिया सांवडीह ब्लॉक गौर, पकड़ी चौहान रूधौली, उमरी अहरा बनकटी एवं चंदोखा रामनगर ब्लॉक का नाम शामिल है। इन ग्राम पंचायतों के प्रधान और सेक्रेटरी दोनों को नोटिस दिया गया है।