बस्ती। सूबे के प्रमुख सचिव व आयुक्त गन्ना एवं चीनी उद्योग संजय आर भूसरेड्डी ने रविवार को गन्ना किसानों की समस्याओं पर अधिकारियों व वेंडर कंपनी के लोगों की जमकर क्लास ली। बैठक में विभिन्न बिंदुओं पर बारी-बारी से अधिकारियों से फीडबैक लिया। वेडिरिंग प्रणाली की कार्य पद्धति पर उन्होंने खासी नाराजगी जताई। चेतावनी देते हुए सुधार के निर्देश दिए। जिला गन्ना अधिकारी को अनुश्रवण व निगरानी को निर्देशित किया।
प्रमुख सचिव ने सर्किट हाउस में दोपहर बाद स्थितियों की समीक्षा के लिए अधिकारियों व वेंडर कंपनी की बैठक बुलाई। जिसमें गन्ना किसानों की समस्याओं पर चर्चा की गई। उन्होंने गन्ना पर्ची निर्गमन व कलेंडरिंग व्यवस्था को चाक चौबंद करने का निर्देश दिया।
विधायक सदर दयाराम चौधरी के अलावा जिले के समितियों व परिषद के अध्यक्षों ने समस्याएं उठाईं। जिस पर उन्होंने शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। बैठक में संयुक्त गन्ना आयुक्त वीबी सिंह, संयुक्त गन्ना आयुक्त क्रय विश्वेश कन्नौजिया, उप गन्ना आयुक्त डॉ. आरवी राम के अलावा जिला गन्ना अधिकारी रंजीत कुमार निराला मौजूद रहे।
प्रमुख सचिव से मिले मिल श्रमिक
बस्ती। प्रदेश के आयुक्त गन्ना एवं चीनी उद्योग व प्रमुख सचिव संजय आर भूसरेड्डी से मिलने वाल्टरगंज शुगर मिल के श्रमिक जा पहुंचे। यहां उन्होंने प्रमुख सचिव को मांग पत्र दिया। जिसमें शुगर मिल चलाने, वर्तमान के अलावा दो वर्षों के गन्ना मूल्य भुगतान कराने, गन्ना आपूर्ति रुधौली चीनी मिल से हटाकर किसी अन्य मिल पर करने की मांग रखी। इस मौके पर श्रमिक कमलेश पटेल, शरद सिंह रावत, अंगद वर्मा, विकास ठाकुर, राम सुमेर यादव, हरीराम, गनीराम चौधरी आदि मौजूद रहे।
भाकियू नेताओं ने दिया ज्ञापन
बस्ती। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने भी प्रमुख सचिव तक किसान समस्याओं को पहुंचाया। जिलाध्यक्ष राम मनोहर चौधरी व मंडल उपाध्यक्ष दीवान चंद्र पटेल की अगुवाई में पहुंचे किसानों व भाकियू नेताओं ने छह सूत्री ज्ञापन प्रमुख सचिव को दिया। ज्ञापन में पर्ची निर्गमन में समितियों के बोर्ड की पचास पैसा प्रति क्विंटल कटौती को समाप्त किए जाने के अलावा बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करने की मांग उठाई। इस मौके पर डॉ. आरपी चौधरी, बंधू चौधरी, जयराम चौधरी, कन्हैया प्रसाद किसान, सत्यराम चौधरी, राम धीरज पटेल, अभिलाष चंद्र श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।