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कमजोर सवर्णों को भी मिले आरक्षण : अठावले

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कमजोर सवर्णों को भी मिले आरक्षण : अठावले
एससी/एसटी एक्ट से किसी का उत्पीड़न नहीं
न्यायपालिका सिर्फ कानून लागू कराती है
सपा बसपा गठबंधन से एनडीए को लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। अनुसूचित जाति जनजाति उत्पीड़न निवारण अधिनियम किसी को प्रताड़ित करने के लिए नहीं बल्कि समाज में जोड़ने के लिए है। यह सुरक्षा का कानून है लेकिन समाज में फैली गलत विचारधारा को भी बदलना होगा। सबका साथ-सबका विकास के साथ ही हमारी पार्टी समाज गरीब सवर्णों के लिए भी आरक्षण की मांग करती है।
भारत सरकार के केंद्रीय सामाजिक अधिकारिता मंत्रालय के राज्य मंत्री रामदास अठावले शनिवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उक्त बातें कहीं। एससी/एसटी एक्ट के प्रावधानों का संसद में संशोधन और अब सुप्रीम कोर्ट के परीक्षण के सवाल पर कहा कि कानून संसद बनाती है जबकि कोर्ट उसका पालन कराती है। कोर्ट और संसद में कोई टकराव नहीं है। सपा-बसपा गठबंधन के सवाल पर कहा कि यह एनडीए को मजबूती देगा। क्योंकि दोनों दलों के कार्यकर्ता नाराज हैं। चुनाव में जरूर उतरेंगे जिसका सीधा लाभ भाजपा को होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज में एकता लाना है। सरकार का नारा है कि सबका साथ सबका विकास इसी के तहत आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को 25 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। कहा कि सवर्ण सोचते हैं कि दलितों को आरक्षण मिलता है, मगर उन्हें नहीं दिया जाता। सरकार अगर आरक्षण के दायरे को 75 प्रतिशत तक बढ़ाए तो मुझे लगता है कि सभी को आरक्षण का लाभ मिल जाएगा। सभी दलों को इसके लिए सरकार का साथ देना चाहिए। बताया कि सरकार संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान पदोन्नति में आरक्षण देने पर भी विचार कर सकती है।
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पार्टी के जनाधार के लिए बस्ती पहुंचे
केंद्रीय सामाजिक अधिकारिता मंत्रालय के राज्य मंत्री रामदास अठावले भारतीय रिपब्लिकन पार्टी के अध्यक्ष है। बताया कि हम अपनी पार्टी के आधार बनाने के लिए आए हुए हैं। अठावले के साथ पार्टी के अन्य पदाधिकारियों के अलावा सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता व भाई मिथिलेश कुमार भी थे। मिथिलेश पार्टी के उपाध्यक्ष हैं। राजकीय इंटर कॉलेज में कार्यक्रम को संबोधित करने आए हैं।
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