फोटो...
शहर से गांव तक बिजली संकट कायम
जेब्रा कंडक्टर जोड़ने में इंजीनियरिंग फेल, वाराणसी की एक्सपर्ट टीम के प्रयास विफल
नदी में पानी घटने के बाद ही हो सकता है ठीक
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। बिजली संकट से अभी निदान मिलना मुश्किल है। गोरखपुर और गोंडा जिले से मिल रही आपूर्ति से घर तो रोशन किए जा रहे हैं लेकिन कटौती के बीच। टांडा-बस्ती 220 केवीए सप्लाई लाइन सरयू नदी की तेज धारा के बीच ठीक करने में लखनऊ और चेन्नई की तकनीकी टीम ने हाथ खड़े कर दिए हैं।
शनिवार को शहर में भी हर घंटे कटौती होती रही। जिनके घर इन्वर्टर हैं उनके तो काम चलते रहे लेकिन गरीबों के घर में अंधेरा छाया रहा। विभागीय अधिकारियों की मानें तो गोरखपुर और गोंडा से वैकल्पिक आपूर्ति से ही काम चलाया जा रहा है। जबकि डीएम डॉ. राजशेखर का कहना है कि गिदही ट्रांसमिशन के 63 एमवीए ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत कराई जा चुकी है और टेस्टिंग की जा रही है। इस हालात से निपटने के लिए शुक्रवार को डीएम ने निगम के सभी अधिशासी अभियंताओं की बैठक कर समीक्षा भी की। मुख्य अभियंता ओपी यादव बताया कि टेक्निकल टीम कई दिन से कोशिश में जुटी है लेकिन अभी कामयाबी नहीं मिली।
हर्रैया क्षेत्र के गांवों में औसतन छह घंटे आपूर्ति
हर्रैया। तहसील क्षेत्र में विद्युत संकट गहरा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन छह घंटे ही आपूर्ति मिल पा रही है। कस्बे में स्थापित 33/11केवी सब स्टेशन को शुक्रवार को कुल 13 घंटे 25 मिनट इनकमिंग बिजली मिली। सब स्टेशन से जुड़े महराजगंज फीडर से नौ घंटे आपूर्ति कटौती के बीच रही। बेलभरिया, केशवापुर व अमारी बाजार फीडर तथा कप्तानगंज से जुड़े पांच फीडरों की हालत और खस्ता रही। शनिवार की दोपहर 12 बजे तक केवल दो घंटे ही बिजली मिली विक्रमजोत सब स्टेशन को आठ घंटे आपूर्ति मिली। जेई सत्येंद्र प्रसाद राम ने बताया कि मिल रही बिजली के अनुरूप फीडरों पर आपूर्ति की जा रही है। विक्रमजोत, छावनी व कोहराए फीडर पर आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास हो रहा है। कस्बे में कटौती के बीच औसतन 18 घंटे आपूर्ति मिल रही है।
रुधौली क्षेत्र में छह से आठ घंटे मिली बिजली
रुधौली। तहसील क्षेत्र के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में छह से आठ घंटे की विद्युत आपूर्ति है। बालाजी नगर वार्ड के सुजीत सोनी ने बताया कि व्यवसाय से लेकर बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है। गांधी नगर वार्ड की तबस्सुम बानो का कहना है कि घर के रोजमर्रा के कामों में भी दिक्कतें आ रही हैं। जेई राजेश कुमार प्रजापति ने बताया कि रुधौली उपकेंद्र से कुल सा फीडरों से तहसील क्षेत्र में सप्लाई दी जाती है। इसमें मुड़ियार और अठदमा फीडर अत्यधिक लंबे हैं। लोकल फाल्ट के चलते सप्लाई बाधित होती रहती है। सब स्टेशन से मुगरहा, दसिया, नवोदय, अठदमा व मुड़ियार फीडर और नए विद्युत उपकेंद्र में रुधौली टाउन व तहसील कुल सात फीडर चलते हैं। जेई राजेश प्रजापति ने बताया कि सभी कटौती बांसी से हो रही हमें जो सप्लाई मिल रही है वह सबको दी जा रही है। प्रबंधक प्रदीप सिंह पिंकू का कहना है कि ज्यादातर बिजली कटौती बच्चों के पढ़ाई के समय होती है बिजली आने का कोई निश्चित समय निर्धारित नहीं है। व्यवसायी राजेंद्र चौधरी का कहना है कि सरकार का गांव में 18 घंटे बिजली देने का फरमान हवा-हवाई है। बिजली आने का कोई निर्धारित रोस्टर नहीं है।
भानपुर क्षेत्र में भी हाहाकार
भानपुर। असमय बिजली कटौती से शहर से लेकर गांव तक के लोग परेशान हैं। गांवों में गोधूलि और रात में दीपक और लालटेन के सहारे ही उजाला हो रहा है। जेई बृजेश कुमार राम कहते हैं कि इस समय सब स्टेशन को 13 से 14 घंटे की आपूर्ति मिल रही है। जबकि सब स्टेशन के मिनिट रजिस्टर में छह सितंबर को 12:20 मिनट की आपूर्ति में 11 घंटे 50 मिनट की आपूर्ति उपभोक्ताओं को देने का दावा किया गया है। सात सितंबर को मात्र 10:10 मिनट की ही आपूर्ति जिले से मिलने की बात कही गई हैं। इसमें उपभोक्ताओं को 9 घंटे 05 मिनट सप्लाई दर्ज है। अनिल कुमार सिंह कहते हैं कि उपभोक्ताओं को सब स्टेशन से मिलने वाली बिजली लोकल फॉल्ट के चलते कई किस्तों में मिलती हैं। कम्प्यूटर कोचिंग चलाने वाले गुंजन श्रीवास्तव कहते हैं समय से बिजली न मिलने से कोचिंग सेंटर काफी प्रभावित हो रहा है। बच्चों के पढ़ाने के समय बिजली ही नहीं रहती है, जिससे इर्न्वटर भी पूरा चार्ज नहीं हो पाता है और असुविधा का सामना करना पड़ता है।