गंदा पानी छोड़े जाने पर उग्र हुए ग्रामीण
बभनान शुगर मिल पहुंचकर प्रदर्शन किया
अमर उजाला ब्यूरो
बभनान। शुगर मिल की ओर से खुले नाले से छोड़े जा रहे है गंदे पानी के विरोध में सैकड़ों ग्रामीणों बभनान शुगर मिल पहुंच गए। विरोध प्रदर्शन करते हुए गंदा पानी बंद कराने की मांग की। पुलिस के समझाने व मिल के अधिकारियों के आश्वासन देने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश शांत हुआ।
बभनान शुगर मिल के बगल महारागौरा और बभनीखास गांव है। किसानों की जमीन से नाला बनाकर मिल का गंदा पानी बाहर निकाला जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि खुले नाले में गंदे पानी के बहाव से बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है। रोहित तिवारी, विजय कुमार मिश्रा, शीतला प्रसाद पांडेय, ओंकार आदि ने बताया कि कई बार नाला कट जाने से किसानों की फसलें चौपट हो जाती हैं। पालतू पशु भी दूषित पानी पीते हैं, जिससे बीमार पड़ जाते हैं। कई बार ग्रामीणों ने बभनान शुगर मिल से भूमिगत नाली बना कर दूषित पानी को निकालने की मांग की। मिल प्रबंधन द्वारा कोई व्यवस्था नहीं करने से बभनीखास व महारागौरा के सैकड़ों ग्रामीण व महिलाएं मंगलवार दोपहर रमेश कुमार तिवारी, प्रधान प्रतिनिधि शिव कुमार सिंह, प्रधान महारागौरा अशोक कुमार के नेतृत्व में बभनान मिल के पास हाथों में पोस्टर लिए विरोध प्रकट करने लगे। मिल प्रबंधन से भूमिगत नाली निर्माण कराकर गंदे पानी को निकालने की मांग करने लगे। मौके पर पहुंचे छपिया थाना के प्रभारी मनीष, चौकी इंचार्ज बभनान मनोज कुमार राव ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया। लगभग एक घंटे बाद मिल के अधिकारियों ने समस्या का समाधान शीघ्र किए जाने के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए। इस संबंध में बभनान चीनी मिल के उप महाप्रबंधक कार्मिक एवं वित्त बीएन चौधरी ने बताया कि मौजूदा समय में चीनी मिल पेराई सत्र बंद है। डिस्टिलरी भी बंद है। चीनी मिल से किसी प्रकार का गंदा पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। कुछ लोग निजी स्वार्थ को लेकर इस तरह का प्रदर्शन करा रहे हैं जबकि पेराई सत्र में ही पानी छोड़ा जाता है। चीनी मिल में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगा हुआ है, जिससे गंदे पानी को शुद्ध करके ही छोड़ा जाता है।