बनकटी। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जेएलएम कुशवाहा बृहस्पतिवार दोपहर अचानक बनकटी पीएचसी पर पहुंच गए। स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। अस्पताल के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण किया। अभिलेखों के निरीक्षण में रजिस्टर देख भड़क गए। इसके लिए तैनात सात कर्मियों को अनुपस्थित करते हुए अग्रिम आदेश तक उनका वेतन रोक दिया और स्पष्टीकरण तलब किया है।
अस्पताल में पहुंचने के बाद सीएमओ ने लेबर रूम, ड्रेसिंग रूम, ओपीडी, लैब, एचआईवी सेंटर, दवा वितरण केंद्र, बीसीपीएम कार्यालय तथा कम्प्यूटर कक्ष सहित रिहायशी कमरों को बारी-बारी से देखा। उपस्थित पंजिका, जन्म पंजिका, ओपीडी को भी खंगाला। मूवमेंट रजिस्टर न भरने के कारण मोमेंटर मंतराम, केडी पांडेय, राम प्रकाश, ललित मोहन, योगेंद्र यादव, मोहम्मद हासिम का वेतन रोक दिया।
डा. कुशवाहा ने निरीक्षण में वार्डों व लेबर रूम में भर्ती मरीजों के लिए बिजली उपलब्धता, वार्डों की सफाई, शुद्ध पेयजल आदि पर जोर देते हुए एमओआईसी डा. धर्मेन्द्र चौधरी व बीपीएम संतोष सिंह व फार्मासिस्ट प्रेम चन्द पांडेय को निर्देशित किया। जच्चा बच्चा केन्द्र में एएनएम गायत्री पांडेय, रंजना पाल को निर्देशित किया कि न्यू वार्न बुकलेट तैयार कर क्षेत्रीय एएनएम को दिया जाए, जिससे नवजात शिशुओं का समय से टीकाकरण हो और कोई नवजात टीकाकरण से वंचित न रह जाए। मीटिंग में खड़ी आशा-बहूओं को देख सीएमओ ने खड़ा होने का कारण जानना चाहा तो आशा कार्यकर्ता ने शिकायत दर्ज कराई कि मीटिंग में बुला कर उनसे खड़े-खड़े ही बात किया जाता है। सीएमओ ने निर्देश दिया कि आशाओं के बैठने की समुचित व्यवस्था की जाए।