भीगी रातों में ड्राइविंग यानी जान को खतरा
बस्ती।
झमाझम बारिश के बीच कार ड्राइविंग का लुत्फ उठाने वालों का शौक सिर चढ़कर बोल रहा है। मगर असावधानी पूर्वक बिना किसी तैयारी के ऐसा करने वालों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। तीन दिन के भीतर हाईवे सहित कई मुख्य मार्गों पर 11 दुर्घटनाएं बारिश के बीच हुईं, जिसमें एक की मौत और आठ लोग घायल हुए। यातायात की बारीकियों को समझने वालों का कहना है कि बारिश में ड्राइविंग करने में बेहद जोखिम है। यात्रा जरूरी हो तो ही की जाए और गाड़ी कितनी भी लग्जरी हो, एक्सीलेटर पर पांव कम ही दबाएं।
बारिश होने से अलकतरा वाली सड़क पर भी कीचड़ है। गाड़ियों के टायर में लिपटे कीचड़ से जबरदस्त फिसलन है। ऐसे स्थान पर अचानक ब्रेक लगाना हो तो गाड़ी मुश्किल से कंट्रोल होगी। इसके अलावा गाड़ी की फिटनेस, टायर की ग्रिप, वायपर और फ्रंट ग्लास अच्छे क्वालिटी का होना आवश्यक है। लंबे समय से गैरेज संभाल रहे दीपक सिंह कहते हैं कि नमी और कीचड़ से नुकसान से बचाने के लिए डीजल और जला मोबिल मिलाकर गाड़ी की बॉडी के निचले हिस्से, इंजन के आसपास और लीफ स्प्रिंग (कमानी) पर लगाएं। इस मिश्रण का इस्तेमाल डिस्क ब्रेक, कैलिपर्स, व्हील ड्रम और रबर पार्ट पर न करें।
हेड लाइट से नहीं दिखती सड़क
26 वर्षों से एक बड़े व्यापारी की कार चला रहे रघुराम दयाल का कहना है कि सबसे ज्यादा खतरनाक स्थिति रोड पर विजिबिलिटी कम होने से होती है। रात के वक्त हेड लाइट की रोशनी गुम हो जाती है और सड़क मुश्किल से दिखाई देती है। शीशाबंद गाड़ी में भीतर भाप बन जाता है, जिससे बाहर दिखाई नहीं देता। तकनीकी जानकारों का कहना है कि रोड का रंग काला होने की वजह से रोशनी रिफलेक्ट नहीं होती।
सेफ ड्राइविंग के छोटे-मोटे टिप्स
कार के टायर्स हमेशा अच्छे कंडीशन में हों।
ब्रेक, वाइपर ब्लेड और वाश पाइप सिस्टम सही रखें।
हेड लाइट के अलावा एक्स्ट्रा लाइट लगवा लें।
पानी में कार बंद हो तो बाहर निकालने के बाद स्टार्ट न करें।
कभी भी सड़क के ज्यादा किनारों पर न ले जाएं।
गाड़ी फंसने पर निकालने के लिए रस्सी और बेलचा रखें।
इमरजेंसी के लिए कार में टॉर्च और मेडिकल किट जरूर रखें।
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चौड़ी हुई सड़क पर बन गया स्टैंड
मालवीय मार्ग का हाल : पटरी छोड़ सड़क पर ही खड़े हो रहे वाहन
कहीं उतर रहा मोरंग बालू, तो कहीं बैठाई जा रही सवारी
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती।
जर्जर मालवीय रोड पर सड़क निर्माण का कार्य डेढ़ माह से चल रहा है। दोनों ओर सड़क तीन-तीन मीटर चौड़ी कर दी गई है और उस पर गिट्टी बिछाकर प्रथम कोट का कार्य पूरा कर दिया गया है। यहां सड़क चौड़ी जरूर हुई मगर इस पर यात्रा संभव नहीं हो पा रही है। वह इस नाते कि नेहरू तिराहे से लेकर सुभाष चौक तक की सड़क पर अतिक्रमणकारियों ने अपनी वाली कर ली है। कहीं दुकानदार इसी सड़क पर ट्रक खड़ा कर मोरंग गिट्टी उतरवा रहे हैं तो कहीं टैक्सी स्टैंड के लिए इस सड़क का उपयोग हो रहा है, जहां सड़क पर ही वाहन खड़ा कर सवारी भरी जा रही है।
शहर के मुख्य मार्ग मालवीय रोड की सूरत बदलने की पहल पालिका प्रशासन ने शुरू की। सड़क निर्माण शुरू तो हुआ मगर बारिश बाधा बनकर खड़ी हो रही है। जानकारों की मानें तो कोलतार से बने सड़क के लिए पानी नुकसान पहुंचाती है। बावजूद इसके प्रथम कोट का कार्य पूरा कर दिया गया। सड़कें चौड़ी कर दी गई हैं मगर इसका लाभ सड़क पर यात्रा करने वालों के बजाय टैक्सी स्टैंड के अलावा मोरंग बालू के व्यवसायी और अन्य सरकारी गैर सरकारी संस्थान पा रहे हैं। सड़क पर ही बस, ट्रक, बाइक और ठेला, रिक्शा आदि पार्क हो रहे हैं, जिससे आवागमन में बाधा आ रही है। हालांकि, अब तक इस पर न तो प्रशासन ने कोई सख्ती दिखाई है और न जिम्मेदार विभाग ने। ऐसे में अतिक्रमणकारी बेखौफअपनी वाली कर रहे हैं। इस संबंध में एसडीएम सदर कीर्ति प्रकाश भारती ने कहा मालवीय मार्ग पर यदि गाड़ियों की पार्किंग आदि है तो उसे हटवा दिया जाएगा। किसी को भी सड़क पर गाड़ी खड़ा करने की इजाजत नहीं है। जल्द से जल्द इस मार्ग की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त कर दिया जाएगा।