बस्ती। 33 बच्चों के अभिभावकों ने निजी विद्यालयों ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत होने वाला नामांकन नहीं कराया है। किसी ने अन्यत्र शिफ्ट होने तो किसी ने विद्यालय की दूरी अधिक होने का हवाला दिया है। इसलिए पोर्टल पर इन बच्चों का नामांकन लंबित दिख रहा है। बीएसए ने संबंधित विद्यालयों को प्रक्रिया अपनाकर पेंडेंसी खत्म कराने के निर्देश दिए हैं।
आरटीई के तहत कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालय में पढ़ने का अवसर मिलता है। इनके पढ़ाई का खर्च सरकार वहन करती है। स्कूलों की फीस, काॅपी-किताब, यूनिफार्म व स्टेशनरी का पैसा सरकार उपलब्ध कराती है। जिले में योजना के तहत 880 विद्यालय पंजीकृत हैं।
इनमें 25 प्रतिशत सीट आरटीई के तहत प्रवेश पाने वाले बच्चों के लिए आरक्षित रहती है। मौजूदा सत्र में अभी तक 1155 बच्चों को प्रवेश मिला है। वहीं 39 अन्य बच्चों को भी विद्यालय तो आवंटित किए गए हैं, लेकिन अभी तक उनका दाखिला नहीं हो पाया है। विभाग को अनुसार इन बच्चों के अभिभावक प्रवेश नहीं करा रहे हैं। इसलिए पोर्टल पर पेंडिंग दिख रहा है।