कटौती की मार झेल रहे उपभोक्ता, पानी पर भी संकट
शेड्यूल कटौती के अलावा हर आधा घंटे पर आपूर्ति ठप
शहरी इलाके में जलापूर्ति बाधित, जलकल कर्मी भी परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। गिदही पावर हाउस के अनुरक्षण व मरम्मत ने शहर से लेकर गांव तक के उपभोक्ताओं को परेशान कर रखा है। कटौती की मार झेल रहे शहरी इलाके में तो पानी पर भी संकट खड़ा हो गया है। एक ओर जहां जल कल आपूर्ति बाधित हो गई है वहीं यहां शिकायतों का अंबार लग गया है। यही नहीं तय कटौती के अलावा बिजली आपूर्ति वाले समय में भी हर आधे घंटे पर आपूर्ति ठप हो रही है।
गिदही पावर हाउस की क्षमता बढ़ाने के लिए शहर से लेकर गांव तक लाइन बाधित रहने की घोषणा बिजली निगम ने की थी। आठ से 11 जुलाई तक शहर में 16 तो ग्रामीण इलाकों में आठ घंटे आपूर्ति तय की गई थी। शेड्यूल के अनुसार शहरी क्षेत्र में सुबह छह बजे से दोपहर दो बजे तक तथा शाम छह बजे से रात दो बजे तक आपूर्ति देना तय था। इसी प्रकार ग्रामीण इलाके में भी शेड्यूल से विद्युत आपूर्ति तय की गई थी। इसके बाद शुरू हुई तय समय में कटौती तो ठीक रही, मगर आपूर्ति के समय का निर्धारण गड़बड़ा गया। सुबह छह बजे आपूर्ति बहाल होने के बजाय साढ़े छह बजे तक लाइन आती है और आने के आधे घंटे बाद फिर आपूर्ति ठपकर यह क्रम दिन भर चलता है। और तो और लो-वोल्टेज की समस्या भी बढ़ गई है। इसके चलते जहां बिजली के उपकरण नहीं चल पा रहे हैं वहीं सबसे ज्यादा दिक्कत पानी की हो गई है। एक ओर जिन घरों में जलकल आपूर्ति देता है वहां तक पानी पहुंचना आसान नहीं रह गया है। जबकि घरों में लगे वाटर मोटर भी पानी नहीं उठा पा रहे हैं, जिससे आम शहरी परेशान हो गया है।
जलकल अभियंता योगेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि लो वोल्टेज के चलते पानी टंकी तक नहीं पहुंच पा रहा था। इसके लिए तो व्यवस्था करवा दी गई। दो शिफ्टों में पंप चलाकर ओवरहेड टैंक भरा जा रहा है, मगर कई मोहल्लों में पानी न पहुंचने की शिकायत रोज आ रही है।
मालवीय रोड निवासी कविता अग्रवाल कहती हैं कि जलकल का पानी समय से आता था, मगर इधर कुछ दिनों से पानी तो आ रहा है, मगर फ्लो इतना कम है कि टंकी भरना मुश्किल हो रहा है। इसके चलते नित्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
पांडेय बाजार की आभा सिंघल कहती हैं कि लो वोल्टेज के चलते घर में लगे विद्युत उपकरण खराब हो रहे हैं। पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। दो तीन बार मोटर खराब हो चुका है। जलापूर्ति पूरी तरह बाधित है।
रामेश्वरपुरी निवासी गृहणी सरिता शुक्ला कहती हैं कि सुबह पानी न आने से तो बच्चे बगैर नहाए ही स्कूल जा रहे हैं। यही नहीं दिन भर विद्युत की आवाजाही व लो-वोल्टेज ने समस्या खड़ी कर दी है।
पुरानी बस्ती की कला अग्रवाल कहती हैं कि व्यवस्थागत ढांचे में दिक्कत है। बिजली के चलते तमाम कार्य प्रभावित हैं। पानी का संकट भी है। सामान्य कार्यों के लिए भी परेशानी हो रही है।