कप्तानगंज ब्लॉक में तैनात सेक्रेटरी जिले के अधिकारियों पर भारी पड़ रहे हैं। तबादला होने के बाद भी ब्लॉक में कई सेक्रेटरी चार्ज नहीं दे रहे हैं, जिससे गांवों का विकास सहित तमाम ग्रामीणों के कार्य ठप पड़े हैं।
कप्तानगंज ब्लॉक में कुल 63 ग्राम पंचायतों के कुल 201 राजस्व गांव हैं। इन गांवों में कुल 11 सेक्रेटरी तैनात हैं। इनमें अधिकांश सेक्रेटरी कई सालों से एक ही ग्राम पंचायत में जमे थे, जिससे विकास कार्यों में धांधली की शिकायत लगातार विभाग के अधिकारियों को मिल रही थी। शासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी का तबादला इधर से उधर कर दिया। इस आदेश के दो माह बीत चुके हैं, मगर कई सेक्रेटरी पुराने गांवों का चार्ज दूसरे को नहीं सौंप रहे हैं। यही नहीं चार्ज को लेकर विभागीय अधिकारी भी चुप्पी साधे हुए हैं। सबसे हैरतअंगेज तो यह है कि ब्लॉक क्षेत्र के कई सेक्रेटरी बैकडेट में चेक काटकर सरकार धन की बंदरबांट में जुटे हुए हैं। सूत्रों की मानें तो अभी तक एक भी ग्राम पंचायत के नए सेक्रेटरी का खाता भी नहीं खुल सका है।
क्षेत्र के विजय पाल सिंह बागीश पांडेय राजेंद्र उपाध्याय स्वामी नाथ का कहना है की अधिकतर सेक्रेटरी पुराने गांवों से तबादला रोकने के लिए जनप्रतिनिधियों से जुगाड़ लगा रहे हैं। इसी के चलते वे चार्ज देने में आनाकानी कर रहे हैं। ब्लॉक में मनरेगा, हैंडपंप, शौचालय, आवास सहित कई सरकारी योजनाओं के धन में गोलमाल हुआ है। यह भी चार्ज न देने की वजह बताई जा रही है।