सब्जियों के गिरते भाव ने बढ़ाया थाली का जायका
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सब्जियों की उपज अच्छी होने से मंडियों में आवक बढ़ गई है। इस कारण भाव में गिरावट आ गई है। सब्जियों का मूल्य घटने से एक तरफ थाली का जायका बढ़ गया है। वहीं किसान मायूस हो रहे हैं। उन्हें फसल की अच्छी कीमत नहीं मिल रही है।
सहालग के सीजन के बावजूद इस साल सब्जियां सस्ती हैं। उम्मीद की जा रही थी सहालग का सीजन शुरू होने के बाद बाजार में सब्जियों के भाव में तेजी आएगी, मगर आवक तेज होने से सब्जियों के भाव बढ़ने की जगह 15 दिनों में 20 फीसदी और घट गई है। भाव में नरमी से शादी-विवाह के कार्यक्रमों और घरों में सब्जियां पर्याप्त मात्रा में मंगाई जा रही है।
थाली में सब्जियोंं की मात्रा बढ़ गई है। इससे ज्यादा आम जनता को फायदा पहुंचा है। जबकि भाव गिरने से किसानों को नुकसान उठाकर अपनी फसल बेचना पड़ रहा है। इससे वह चिंतित हैं। कंपनी बाग में सब्जी खरीदने पहुंची अनीता देवी का कहना है कि भाव काबू में होने के कारण आधा किलो की जगह एक किलो सब्जी खरीदने में अब दिक्कत नहीं हो रही है। नहीं तो थोड़ी सब्जियों से ही काम चलाना पड़ता था।
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सब्जियों का दाम थोक भाव फुटकर भाव
टमाटर 20- 25
गोभी 10- 15
बंद गोभी 10
मटर 20- 30
पालक 13- 25
मिर्चा 40-50
आलू 20- 25
प्याज 35 45
बैगन 20- 25
लहसुन 100- 120
( सब्जियों के भाव प्रति किलो रुपये में है )
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लोकल और बाहर की सब्जियों के आवक तेज है। पैदावार भी इस साल अच्छी रही। इसके कारण मंडी में खूब सब्जियां आ रही हैं। भाव में भी तेजी नहीं है। सब्जी की पैदावार कर घाटे का सौंदा करना पड़ रहा है।
घनश्याम निषाद, किसान, फुलवरिया
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इस साल सब्जियों की पैदावार अच्छी होने के कारण आवक तेज है। इसके कारण सब्जियोें के भाव नहीं बढ़े। हम जैसे किसानों की मूल पूंजी जा रही है। घाटे का सौदा करना पड़ रहा है। औने-पौने भाव में बेचना पड़ रहा है।
- तुलसीराम, किसान, पोखरनी