जिले में आज रोपेंगे 27 लाख पौध
पौधरोपण के लिए चिह्नित किए गए नहर, बंधे, नदियों के किनारे
डमरुआ जंगल में प्रशासनिक टीम करेगा कार्यक्रम का उद्घाटन
वन विभाग की 22 नर्सरियों में उपलब्ध हैं 50 लाख पौध
बस्ती। सूबे के वनाच्छादन को लेकर सरकार गंभीर है। प्रदेश में 25 करोड़ पौधों का रोपण एक ही दिन में रविवार को होगा। जिले की भागीदारी 27 लाख है। इन पौधों का रोपण किसान, सरकारी विभाग व स्कूल-कॉलेजों को करना है। वन विभाग की 22 नर्सरियों के जरिए ये पौध उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रभागीय वनाधिकारी नवीन शाक्य ने बताया कि चिह्नित स्थलों पर पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करा दी गई है। डमरूआ जंगल से सुबह आठ बजे कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद हरीश द्विवेदी, आयुक्त अनिल कुमार सागर, डीएम आशुतोष निरंजन सहित अन्य अधिकारी करेंगे।
पौधरोपण अभियान में इस बार किसानों को खेत व मेड़ पर पौधरोपण करना है। इनकी देखरेख का जिम्मा भी इन्हीं पर होगा। इस बार सात सौ हेक्टयर जमीन में पौधरोपण होंगे। डीएफओ ने बताया इन पौधों से करीब पांच सौ हेक्टयर क्षेत्र आच्छादित हो जाएगा। प्रशासन ने इस बार किसानों के लिए सागौन, अमरूद, जामुन, आम व नीम के पौधे दिए जाएंगे। जबकि सरकारी विभागों व स्कूल-कॉलेजों, स्वयंसेवी संगठनों के लिए अर्जुन, जामुन, गुटेल, शीशम, कंजी, खैर आदि के पौधे दिए जाएंगे। इन पौधों को कुआनो, मनोरमा व अन्य नदियों के तट के अलावा नहर, बंधा व ताल-पोखरों के किनारे रोपित किए जाएंगे। पौधों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने विभागों को जिम्मेदारी दी है। शहर से लेकर गांव तक पौधों की सुरक्षा का पूरा इंतजाम जिम्मेदारों के कंधों पर है। स्कूल-कॉलेजों को दो-दो सौ पौधों के रोपण की जिम्मेदारी दी गई है।
डीएफओ नवीन शाक्य ने बताया कि अभियान की सफलता का खाका प्रशासन ने तैयार कर लिया है। किसानों को पौधरोपण में इसलिए शामिल किया गया है कि वे अपने पौधों की सुरक्षा खुद करेंगे। जबकि प्रशासनिक तंत्र व विभाग की ओर से रोपित पौधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी।