दुबौलिया क्षेत्र के खलवा गांव के पास कटे बेस पर मरम्मत कार्य करते मजदूर।
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विक्रमजोत। कटान से सहमे भरथापुर के ग्रामीण हर ओर से मायूस हो चुके हैं। बाढ़ खंड का ढुलमुल रवैया प्रशासन की अनदेखी गांवों पर भारी पड़ रही। संपर्क मार्ग के नाम पर खड़ंजा था वह भी बह गया। शुक्रवार को सरयू खतरे के निशान से 27 सेमी ऊपर रही, वहीं नदी एक बार फिर बढ़ रही है। जलस्तर के एक बार फिर से बढ़ने की आशंका केंद्रीय जल आयोग के अयोध्या कार्यालय ने जताई है। नदी की धारा ने कटान तेज कर दी है। केशवपुर में दो-दो बीघा जमीन शुक्रवार को धारा में बह गई।
बाघानाला में नदी गांव के करीब कटान कर रही है। भरथापुर का मुख्य मार्ग नदी में पहले ही समा चुका है। आने-जाने का एक सहारा पगडंडी भी धारा में बह गया। करीब 20 मीटर तक कटान करते नदी अंदर घुस गई है। शुक्रवार को कटान देखकर ग्रामीणों का कहना है कि अगर ऐसे ही कटान हुआ तो गांव व घरों का बच पाना मुश्किल है। गांव के ननकू सिंह, जगलाल, भरथू, मंगल, सतीश कुमार, हेमंत पांडेय सहित तमाम ग्रामीणों का कहना है कि कुछ दिन पहले एसडीएम हर्रैया व जन प्रतिनिधियों द्वारा गांव को किसी हाल में बचाने की बात की जा रही थी लेकिन जब से गांव में कटान शुरू हुआ है गांव को कोई देखने तक नहीं आया। प्राथमिक विद्यालय सीतारामपुर अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। कल्यानपुर गांव में नदी रुक-रुक कर कटान कर रही है। पड़ाव, चानपुर, सहजौरा और संदलपुर में कटान जारी है।
बाढ़ से नम भूमि को तेजी से काट रही सरयू की धारा
दुबौलिया। सरयू नदी तेजी से घट रही है। फिर भी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 29 सेमी ऊपर बना हआ है। दिलास पुरवा और टकटकवा के बीच कटान चल रही है। शुक्रवार को सरयू नदी खतरे के निशान 92.730 से 27 सेंमी ऊपर 93.00 पर प्रवाहित हो रही है। नदी का जलस्तर घटने से माझा क्षेत्र में कटान भी तेज हो गया है। बाढ़ के पानी से नम जमीन को तेजी से सरयू की धारा काटकर नदी में मिला दे रही है। दिलासपुरवा व टकटवा गांव के बीच नदी तेजी से कटान करती हुई तटबंध की तरफ तेजी से बढ़ रही है। जिले के अति संवेदनशील तटबंध कटरिया चांदपुर पर नदी का जलस्तर घटने से दबाव बढ़ता जा रहा है। तटबंध किनारे बना बेस अब दिखाई देने लगा है। शुक्रवार सुबह एक बार फिर सरयू नदी कटान करने लगी, जिससे चांदपुर गांव के निकट तटबंध का 10 मीटर लंबा बेस नदी की तेज धारा में बह गया।
मौके पर मौजूद मजदूरों ने मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। जिससे स्थित नियंत्रण में हो गई। वहीं खलवा गांव के सामने तटबंध के दो स्थानों पर करीब 30 मीटर बेस सहित तटबंध का हिस्सा कट गया तो दूसरी जगह बोरियों का बेस का दस मीटर हिस्सा नदी में समा गया। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर पारा गांव के पास बने एक दर्जन ठोकरों व स्परों पर दबाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं सीएम के जाने के बाद शुक्रवार को चांदपुर गांव के ग्रामीण शांत दिखे अपनी दिनचर्या में व्यस्त रहे।