लखनऊ जाएंगे वित्तविहीन शिक्षक
मांगें मनवाने के लिए चार को ईको गार्डन में प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। वित्तविहीन शिक्षक संगठन के लोग चार को लखनऊ में प्रदर्शन करेंगे। जिले में इसे लेकर पहुंचने की रणनीति तैयार की गई है। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर वित्तविहीन विद्यालयों में पढ़ा रहे करीब डेढ़ हजार शिक्षक चार सितंबर को लखनऊ के ईको गार्डन में पहुंचेंगे। यहां होने वाले प्रदर्शन में शामिल होंगे।
रविवार को उत्तर प्रदेश माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा प्रांतीय मंत्री रमेश कर पाठक तथा जिला अध्यक्ष हरिशंकर पांडेय ने बताया कि कुल 380 माध्यमिक विद्यालय हैं। जिसमें 290 वित्तविहीन, 20 राजकीय तथा 70 सहायता प्राप्त हैं। लगभग सभी सहायता प्राप्त विद्यालयों में कोई न कोई वित्तविहीन शिक्षक काम कर रहा है। महासभा का प्रयास है कि केवल आधे शिक्षक ही लखनऊ चलें, जिससे विद्यालयों में पठन पाठन भी चलता रहे। नेताद्वय ने कहा कि पिछली सरकार ने 1986 से 2010 तक नियुक्त शिक्षकों को मानदेय देना प्रारम्भ किया था, जिसे इस सरकार ने आते ही बंद कर दिया। चुनाव के समय इनके नेता मानदेय को अपमान देय बताते हुए वित्तविहीन शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय दिए जाने की बात किया करते थे। नई सरकार बने डेढ़ वर्ष से ज्यादा का समय बीत गया मानदेय मिलना तो दूर अभी तक ना मान्यता की धारा परिवर्तित हुई और न ही सेवा नियमावली तैयार हो सकी। महासभा के प्रांतीय अध्यक्ष व विधान परिषद सदस्य उमेश द्विवेदी व संजय मिश्र ने सरकार से सदन में तथा सदन के बाहर कई बार अपनी मांगों को लेकर बात की लेकिन परिणाम शून्य रहा। मजबूरन वित्तविहीन शिक्षक शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर लखनऊ के ईको गार्डन में एकत्रित हो प्रदर्शन करेंगे। इस बार भी बात नहीं बनी तो हम सभी विधान भवन तक भिक्षाटन करेंगे। आरपार का आंदोलन किया जाएगा।