बस्ती। नेशनल थर्मल पॉवर कार्पोरेशन (एनटीपीसी) के टांडा टर्मिनल में आई खराबी दूर करने में बिजली विभाग की स्थानीय टीम के नाकाम होने से मंडल में बिजली संकट गहराने के आसार बढ़ गए हैं।
उफनाई घाघरा के बीच जेब्रा कंडक्टर ब्लास्ट होने से ध्वस्त हुई बेस सप्लाई के कारण बस्ती के अलावा सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर जिले की ग्रामीण व शहरी बिजली आपूर्ति बुरी तरह से प्रभावित हुई है। आसार ऐसे हैं कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी त्योहार ब्लैकआउट में मनाना पड़ेगा।
विद्युत वितरण मंडल के मुख्य अभियंता इंजीनियर ओपी यादव के मुताबिक टांडा-बस्ती लाइन में आई खराबी दूर करने के लिए विशेषज्ञों का एक नया दल रविवार/सोमवार रात तक पहुंचेगा। मरम्मत करने में कुछ दिन (दो या तीन दिन) लग सकते हैं। मतलब साफ है कि आने वाले दो-तीन दिन ब्लैकआउट का खतरा बना रहेगा। हालांकि, चीफ इंजीनियर और शहर के अधिशासी अभियंता एके सिंह का दावा है कि न्यूनतम रोस्टरिंग करने की हर संभव कोशिश की जा रही है।
शुक्रवार को कुदरहा ब्लॉक के दक्षिण-पूर्वी सीमा के निकट स्थित नौरहनी घाट के पास टांडा से आने वाली सप्लाई बंद हो गई थी। एनडीआरएफ यानी राष्ट्रीय आपदा बचाव बल की मदद से पूरे दिन टेक्निकल टीम लेकर अधिशासी अभियंता नदी में जुटे रहे लेकिन रविवार दोपहर तक कामयाबी नहीं मिली। उधर, वैकल्पिक तौर पर गोरखपुर से ली जा रही आपूर्ति भी रविवार सुबह करीब आठ बजे खराबी आ गई। चीफ इंजीनियर विद्युत निगम ने तत्काल सूचना जारी कर दी कि युद्धस्तर पर कार्य चल रहा है।
बिजली के तीन रास्ते, तीनों खराब
बस्ती मंडल में बेपटरी पावर सप्लाई के एक नहीं कई कारण हैं। पहली बड़ी वजह तीनों ओर से आने वाली लाइन में खराबी है, जिसमें से सिर्फ गोरखपुर की लाइन दुरुस्त हो सकी। इसके अलावा एनटीपीसी के टांडा टर्मिनल से होने वाली आपूर्ति जेब्रा कंडक्टर टूटने से ठप पड़ गई। मंडल को तीसरे 220 केवीए के स्रोत की लाइन में भी रविवार को खराबी आ गई थी। तीसरी गोंडा से बस्ती मंडल के लिए हो रही वैकल्पिक आपूर्ति में शनिवार को खराबी आने से उधर की सप्लाई बंद हो गई।
आम जनजीवन अस्तव्यस्त
एनटीपीसी के टांडा से आने वाली 220 केवीए मुख्य सप्लाई बाधित होने से आम जनजीवन पर गहरा असर पड़ा है। बिजली की आवाजाही से उमस भरी गर्मी में लोगों की नींद हराम रही। रोजमर्रा के जनजीवन पर खासा असर पड़ा है। घरेलू उपकरण न चलने से परिवार में रविवार का मजा किरकिरा हो गया। ग्रामीण क्षेत्र में काफी समस्या किसानों को हो रही है। सिंचाई के अलावा दूसरे रोजमर्रा के काम भी नहीं हो पा रहे हैं।
मचा हाहाकार
दिन में धूप-छांव व फुहार के बीच उमस से लोग पसीना पोछते त्रस्त हो गए। दूसरी ओर मौसम के मिजाज ने तापमान में मामूली बदलाव जरूर किया। अधिकतम तापमान एक डिग्री गिरकर 32.2 से 31.2 डिग्री पर पहुंचा तो न्यूनतम 0.2 डिग्री गिरकर 26.6 से 26.4 डिग्री सेल्सियस पर। अधिकतम आर्द्रता 97 पर बरकरार रही तो न्यूनतम 89 से 81 फीसदी पर पहुंच गई।