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जेडी जेई-एईएस ने जाना पीआईसीयू का हाल

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जेडी जेई-एईएस ने जाना पीआईसीयू का हाल
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जिला, महिला व कैली अस्पताल का किया निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। जेई-एईएस पर नियंत्रण को लेकर संवेदनशील शासन की मंशा के अनुरूप पीडियाट्रिक आईसीयू का हाल जानने सोमवार को जेडी जेई-एसईएस डॉ. एचके अग्रवाल यहां पहुंचे। उन्होंने जिला, महिला व ओपेक चिकित्सालय कैली में उक्त वार्ड का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
दोपहर में पहुंचे डॉ. अग्रवाल ने सबसे पहले जिला अस्पताल को जांचा। यहां वार्ड में भर्ती मरीजों से मिलने वाली सुविधाओं का फीडबैक लिया। वार्ड में स्थापित संसाधनों के गतिशीलता की भी जानकारी ली। उन्होंने स्थिति की जानकारी एसआईसी डॉ. ओपी सिंह, डॉ. राम प्रकाश व बालरोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज शुक्ला, डॉ. विजय यादव आदि से ली। बताया गया कि पीआईसीयू का बेहतर संचालन हो रहा है। इसके बाद वे सीधे महिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉ. पीके श्रीवास्तव व डॉ. तैय्यब अंसारी से न्यू बार्न सिक बेबी यूनिट की जांच की। यहां उन्होंने अभिलेखों की जांच की। यहां तैनात डॉक्टरों की उनके बेहतर कार्य के लिए पीठ भी थपथपाई। इसके बाद वे ओपेक अस्पताल पहुंचे। जहां सीएमएस डॉ. सोमेश चंद्र श्रीवास्तव ने उन्हें वार्ड में इलाज और संसाधनों की जानकारी दी।
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मौसम ने बढ़ा दी बच्चों की दुश्वारियां
उल्टी, दस्त, बुखार पीड़ितों की ओपीडी में लगी भीड़
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव से सबसे ज्यादा प्रभावित बच्चे हो रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में ओपीडी के दौरान 66 बच्चे उल्टी, दस्त व बुखार से पीड़ित पहुंचे।
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एक हफ्ते में तापमान 33 डिग्री से 39 डिग्री तक पहुुंच रहा है। उमस भरी गर्मी और बरसात के बाद बिजली कटौती परेशानियां बढ़ा रही हैं। सोमवार को उल्टी, दस्त, बुखार, खांसी, डायरिया आदि के ज्यादातर मरीज पहुंचे। जबकि ओपीडी 914 थी। सुबह आठ बजे पहुंचे मरीजों को भीड़ के कारण दोपहर तक नंबर लगाना पड़ा। भक्तूपुर की कृष्ण बाला श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले दिनों बुखार हो गया था। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद जिला अस्पताल आए हैं। दो घंटे हो गए हैं अभी तक नंबर नहीं आया। लालगंज के श्रेयम ने बताया कि उल्टी-दस्त से पीड़ित हैं। निजी डॉक्टर को दिखा रहे थे कोई फायदा नहीं हुआ। घंटों से यहां इंतजार कर रहे हैं। लग रहा कि आज डॉक्टर को नहीं दिखा पाएंगे। हनुमानगंज से पहुंचीं जहरूनिशा ने बताया कि फीवर है। कभी छोड़ देता कभी फिर वहीं हाल हो जाता। देखिए कब नंबर आता है। कलवारी की दीपिका श्रीवास्तव ने कहा कि जिसका यहां के लोगों से परिचय है उनका इलाज जल्दी हो जाता है। जिसका परिचय नही हैं। उनको इंतजार करना पड़ता है। फिजिशियन डॉ. राम जी सोनी ने बताया कि इस समय बुखार, खांसी, डयरिया, वायरल फीवर के ज्यादा मरीज आ रहे हैं। दवा के साथ हिदायत भी दी जा रही कि पानी उबाल कर ही पीएं। बासी भोजन न करें। तले, भुने व कटे फलों से बचें।
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