बाढ़ : डीएम से गांवों को बचाने की गुहार
पक्के बांध के निर्माण के लिए कलेक्ट्रेट में धरना
रालोद नेता की तीन मांगों को लेकर भूख हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सरयू नदी का कहर झेल रहे गांवों के बाढ़ पीड़ितों संग रालोद नेता चंद्रमणि पांडेय सोमवार को कलेक्ट्रेट में भूख हड़ताल शुरू कर दी। साथ पहुंची महिलाओं ने थाली बजाकर भोजन की मांग कर कीर्तन करती रहीं।
विक्रमजोत ब्लॉक के दो दर्जन से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। सोमवार को भरथापुर के पास प्राचीन काली मंदिर के सरयू में जल समाधि लेते ही गांव वालों का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया। मौके पर पहुंचे रालोद नेता चंद्रमणि पांडेय गांव वालों के साथ विक्रमजोत तक पैदल जुलूस और बाद में विभिन्न साधनों से कलेक्ट्रेट पहुंच गए। यहां वह भूख हड़ताल पर बैठ गए। जिले को बाढ़ मुक्त कराने के लिए जिले की सीमा से वीडी बांध को पक्का बनवाने, नदी तट पर बसे गांवों को कटान से बचाने के लिए ठोकर निर्माण के लिए विशेष पैकेज की मांग की। रालोद नेता की तीसरी मांग एससीएसटी/एक्ट के दुरुपयोग को रोकने की है। कहा कि बिना जांच गिरफ्तारी न हो। आरोप गलत पाए जाने पर आरोप लगाने वाले पर 10 लाख रुपये जुर्माना लगाया जाए। फुटहिया फ्लाईओवर हादसे के जिम्मेदारों की गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाए। इन मांगों के लिखित मिलने पर ही हड़ताल खत्म करेंगे।
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सरयू मैया को मनाने के लिए पूजा पाठ
बढने लगा जलस्तर तो कटान भी तेज
पूड़ी और लस्सी भेंट कर मानी मनौती
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। सरयू नदी के जलस्तर में घटने और बढ़ने का क्रम जारी है। सोमवार को नदी खतरे के निशान से 59 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। इससे कटान का भी दायरा बढ़ गया है। इससे घबराए तटवर्ती गांवों के लोग पूजा-पाठ शुरू कर दिए हैं।
जिले के अति संवेदनशील तटबंध कटरिया-चांदपुर की हालत सामान्य हुई तो टकटकवा रिंग बांध पर नदी का दबाव बढ़ने लगा। उमरिया-मोजपुर रिंग बांध पर कटान के चलते खतरा मंडरा ही रहा है बांध का अस्तित्व भी खतरे में नजर आ रहा है। बांध के समीप जबरदस्त कटान से दर्जनों गांव के लोग सहम गए हैं। रिंग बांध की जर्जर स्थिति है ही समीप में धारा की कटान तेज हो गई है। नदी कटान करते हुए रिंग बांध की तरफ बढ़ रही है। दिलासपुरा गांव के लोग कटान के कारण गृहस्थी का सामान समेटने लगे हैं। गांव के धीरेंद्र अमरकेश, कामता आदि ने बताया कि कटान की गति यही रही तो गांव दो दिनों में नदी में समा जाएगा। पहड़वापुर गांव के पास बने ठोकर पर पूजा पाठ व कड़ाही चढ़ा कर सरयू मां से मनौती मांगी जा रही है। महिलाओं का कहना था कि सरयू माता पांच साल पहले जहां थी, वहीं अपने स्थान पर चली जाएं, इसीलिए हमलोग पूड़ी और लपसी चढ़ा कर मनौती मांग रहे हैं। पानी से घिरे गांव सुबिका बाबू, टेढ़वा खजांची पुरवा, विशुनदास पुरवा के लोगों की दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं। अशोकपुर के बरदिया लोहार का पुरवा, पहिया माफी, सरवरपुर भुवरिया आदि गांवों में घुटने भर पानी है।
दुश्वारियों से दो चार हो रहे तटवर्ती गांव
विक्रमजोत और दुबौलिया ब्लॉक क्षेत्र में आफत
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। विक्रमजोत-धुसवा (वीडी) बांध और अर्द्धनिर्मित लोलपुर-विक्रमजोत बांध के समीप वाले गांवों में आफत चल रही है। बाढ़ का दंश झेेल रहे लोगों को पानी से होकर आना जाना पड़ता है तो पशुओं को जीवित रखने का संकट है। फसलें डूबने और चारा गाह में पानी भरने से पशु चारे की किल्लत पैदा हो गई है।
दुबौलिया प्रतिनिधि के मुताबिक जिले के अतिसंवेदनशील कटरिया-चांदपुर तटबंध के समीप बसे दिलासपुरा, सुविखा बाबू, टेढ़वा, खजांची पुरवा, विशुनदासका पुरवा, अशोकपुर के तीन पुरवे बरदिया लोहार, पहिया माफी, सरवरपुर भुवरिया सरयू के पानी से घिरे हैं। गांव के लोग घुटने भर पानी से होकर आ-जा रहे हैं। कटान के चलते पहड़वापुर गांव के अस्तित्व पर संकट गहरा गया है।
विक्रमजोत प्रतिनिधि के मुताबिक सरयू नदी की बाढ़ तबाही की ओर है। खतरे के निशान से 59 सेमी ऊपर बह रही नदी जल्द ही हाई फ्लड लेवल पर पहुंच सकती है। तटबंधविहीन कल्याणपुर, सहजौरा पाठक, भरथापुर, रानीपुर कठवनिया, पड़ाव के अधिकांश घरों में बाढ़ का पानी भर गया। लम्ती, केशवपुर, खतमसराय, भदोई, मुंडेरीपुर, फूलडीह, बाघानाला, रामनगर,चांदपुर, छतौना, संदलपुर, कवलपुर, गौरियानैन, कन्हईपुर, पूरे चेतन, लकडी पकडी, माझाकिता अव्वल, मड़ना माझा में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। कल्याणपुर, सहजौरा व भरथापुर के अधिकांश घरों को छोड़कर पालतू जानवरों के साथ बांध पर शरण ले लिए हैं।
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धारा में समाया प्राचीन कालीमंदिर
बाढ़ खंड के जेई और कर्मचारी भागे
27 गांवों में पहुंचा सरयू नदी का पानी
अमर उजाला ब्यूरो
विक्रमजोत। सरयू नदी अब तबाही की ओर रुख कर रही है। देखते ही देखते सैकड़ों वर्ष पुराना काली मंदिर सोमवार को नदी में समा गया। भीषण कटान से लोगों में प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति गुस्सा भी है।
भरथापुर में सैकड़ों वर्ष पुराना काली मंदिर नदी की धारा से कटते की सूचना पर सैकड़ों लोग पहुंच गए। देखते ही देखते पहले नींव धंसी और फिर सुबह करीब 10 बजे पूरा काली मंदिर धारा से कटकर नदी में समा गया। मंदिर गिरते ही मौके पर निगरानी करने गए बाढ़ प्रखंड के जेई व कर्मचारी भाग खडे़ हुए। भय गांव वालों के गुस्से का था। मंदिर गिरने की जानकारी होते ही दोपहर तक भारी भीड़ जमा हो गई। रालोद नेता चंद्रमणि पाण्डेय ने लोगों के गुस्से को भुनाया और पूरी भीड़ लेकर कल्याणपुर से लेकर विक्रमजोत पुलिस चौकी तक पैदल जुलूस निकाले फिर ट्रॉलियों और ट्रकों पर लद कर जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करने बस्ती मुख्यालय पहुंच गए।
वहीं, अयोध्या स्थित केंद्रीय जल आयोग कार्यालय के मुताबिक सरयू का जलस्तर 93.380 मीटर पर पहुंच गया है। शाम से नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार नदी यूं ही बढ़ती रही तो तटबंधों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। बाढ़ का पानी पुलियों और अंडरपास से फोरलेन पार कर उत्तर दिशा में तेजी से फैलने लगा है। केशवपुर, रामनगर, पटखापुर समेत 27 गांव बाढ़ की जद में आ चुके हैं। फूलडीह गांव की पुलिया और निचले स्थानों के रास्ते सड़क के उस पार फोरलेन के किनारे पटखापुर के भट्ठे में पानी भर गया है।
बाढ़ खंड के अधिकारी नदारद
तेजी से बढ़ रही सरयू ने अधिकारियों के होश उड़ा दिए हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक बाढ़ खंड के जिम्मेदार स्थलीय निरीक्षण से भी कतरा रहे हैं। अफसर बांध पर काम करवा रहे ठेकेदारों को फोन से ही तेजी लाने की हिदायत दे रहे हैं। जबकि ठेकेदारों ने बकाया भुगतान नहीं होने के कारण काम करने से इन्कार कर दिया है। पेटी डीलर के तौर पर राहत कार्य करवा रहे महेंद्र प्रताप सिंह, जगन्नाथ सिंह, हनुमान सिंह ने बताया कि पिछले चार सालों से बोल्डर और मजदूरी की रुकम बकाया है।