घाघरा के कटरिया तटबंध पर दबाव बढ़ा
रेत और मिट्टी से बांध की सुरक्षा पर ग्रामीणों में भय और गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से कटरिया-चादपुर तटबंध पर दबाव बढ़ गया है। करीब दो किलोमीटर तक तटबंध जर्जर होने से गांव वाले दहशत में हैं। रेत और मिट्टी के सहारे बांध बचाने के प्रयास से गांव वालों में गुस्सा है।
विक्रमजोत-धुसवा (वीडी) बांध का कटरिया चांदपुर तटबंध अति संवेदनशील है। घाघरा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है जिससे सारा दबाव तटबंध पर आ गया। दो किमी तटबंध को अभी तक सिर्फ मिट्टी और रेत के सहारे ही बचाने की कोशिश की जा रही है। नदी एकदम बंधे से सटकर बह रही है। रेत से बनी बोरियों का बेस बनाया गया है। गांववालों का आरोप है कि जब नदी स्थिर थी तो बाढ़ खंड के पास काम कराने का अच्छा मौका था लेकिन रेत से भरी बोरियों के अलावा कोई काम नहीं किया गया। पिछले दिनों बंधे पर बोल्डर की मांग करते हुए गांव वालों ने रोड जाम करने की कोशिश की थी तो अधिकारियों ने एक-दो दिन में बोल्डर गिरने का आश्वासन दिया था।जल स्तर बढने के साथ खलवा व खजांचीपुर गांव के बीच कटान भी शुरू हो गया है। खाली जगहों पर लगातार नदी दबाव बना रही है। रेत से भरी बोरियों का बनाया बेस डूबने लगा है। एक महीने में बाढ़ खंड लगभग डेढ़ करोड़ रुपये खर्च कर चुका है जबकि हालात यह है की नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है फिर भी सारा खर्च पानी में डूब रहा है। खलवा गांव के पास दो जगहों पर पानी बेस से ऊपर बंधे से सटकर बह रही है। उपलब्ध रोड़े भी पुरानी ठोकरों के मरम्मत में लगा दिए गए। अगर इस समय नदी में कटान चालू हो जाए तो रेत से भरी बोरियों के अलावा इनके पास कोई साधन उपलब्ध नहीं है।