बस्ती। एक हफ्ते से चल रही नोट किल्लत में आंशिक सुधार जरूर हुआ है लेकिन पोस्ट ऑफिसों से अभी भी भुगतान नहीं मिल पा रहा है। प्रधान पोस्टमास्टर का कहना है कि बाउचर लगातार भेजा जा रहा है लेकिन चेस्ट से रकम नहीं मिल पा रही है।
लगन के इस मौसम में एकाएक नकदी की किल्लत बढ़ गई। एटीएम ड्राई हुए तो बैंकों में लंबी लंबी कतारें लगने लगी। हालात यहां तक पहुंच गए कि जिले में स्थापित 27 बैंकों की 178 शाखाएं और इनके 123 एटीएम में कुछ से ही लेन-देन होने लगा। जिला मुख्यालय पर 42 तो बाजारों और कस्बों में 82 एटीएम जरूर हैं लेकिन अधिकतर के शटर गिर चुके हैं। बैंकों में भी मांग के अनुसार रकम नहीं दी जा रही, जिसके बाद केंद्रीय बैंक की सख्ती हुई। आरबीआई ने 25 करोड़, एसबीआई ने अपने स्तर से पांच करोड़ तथा करीब सात करोड़ बैंकों में ग्राहकों से जमा हुए तो कुल 37 करोड़ की नकदी के बाद स्थिति सामान्य होने लगी है। बावजूद हेड पोस्टमास्टर राजेंद्र प्रसाद की माने तो डाकघरों को अभी भी चेस्ट से कैश नहीं मिल पा रहा है। जिले में डाकघर से करीब 20 से 25 लाख खाताधारक जुड़े हैं। प्रधान डाकघर से करीब चार लाख खाता धारक हैं। अब स्थितियां नियंत्रण से बाहर हो रही हैं। मांग के अनुरूप छोटी छोटी रकम देकर खाताधारकों को समझाया जा रहा है। चार दिन से तो कैश की विकट समस्या आ पड़ी है।
सल्टौआ प्रतिनिधि के मुताबिक सब पोस्ट आफिस से जुड़े खाताधारक रुपये निकालने के लिए परेशान हो रहे हैं। शनिवार को डाकघर पहुंचे राकेश कुमार, शिवबहादुर, राघवेन्द्र मणि, महेश कुमार ने बताया कि शादी विवाह का मौसम चल रहा जितनी जरूरत है उतनी नकदी नहीं मिल पा रही है। पोस्ट मास्टर जमील अहमद ने बताया कि प्रर्याप्त नकदी न मिल पाने के कारण ग्राहकों को थोड़ी बहुत रकम दी जा रही है। कहते हैं कि एक दो दिन में स्थिति सही हो जाएगी।
पैकोलिया प्रतिनिधि के मुताबिक उप डाकघर में भुगतान के लिए कैश उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। पैकोलिया में संचालित पोस्ट आफिस उप डाकघर की श्रेणी का है जहां से क्षेत्र के बेलभरिया राम गुलाम, दिवकरपुर, हुड़रा कुंवर, इटवा कुनगाई, जीतीपुर, महादेवा, रघवापुर तथा वेदीपुर समेत कुल आठ ब्रांच पोस्ट आफिस जुड़े हैं। शादी विवाह में भुगतान को कौन कहे, रोजमर्रा के भुगतान के सापेक्ष भी धन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उप डाकपाल पैकोलिया उमाशंकर ने बताया कि अप्रैल बीतने को है कैश आफिस हर्रैया से कैश नहीं मिला। जो लोग नकदी जमा करते हैं उसी से काम चलाया जा रहा है।
मुंडेरवा प्रतिनिधि के मुताबिक पोस्टमास्टस्त्रत्त्र कृष्ण बिहारी सिंह का कहना है कि पोस्ट आफिस में कैश की किल्लत तो है लेकिन छोटे डिपॉजिट हो रहे है और उसी से छोटे छोटे पेमेंट किये जा रहे है। बडे पेमेंट करने में दिक्कत हो रही है। हेडआफिस से कैश मिलता है तो पेमेंट सामान्य रहता है लेकिन जिस दिन चेक मिलता है चेक भी एसबीआई मुंडेरवा का है उस दिन बैक से पेमेंट नहीं हो पाता है और पोस्टआफिस पर काफी भीड़ हो जाती है।