दीये से कहीं नकदी जली कहीं घर
विक्रमजोत/दुबौलिया। हर जगह दीवाली के दिए रखना तीन परिवारों को महंगा पड़ गया। गोदरेज आलमारी के पास दीये रखने से नकदी और कीमते कपड़े जल गए। वहीं दुबौलिया के बैरागल टकटकवा गांव में छप्पर के चार घर भी जलकर राख हो गए।
विक्रमजोत प्रतिनिधि के मुताबिक छावनी थाना क्षेत्र के लखना गांव के अवधेश कुमार पाठक परिवार के बच्चों के साथ दीपावली की रात में घर में दिए जला रहे थे। इसी क्रम में एक दिया कमरे में रखी आलमारी के पास भी रखा गया। थोड़ी देर बाद अज्ञात कारणों से चानक घर में धुएं का गुबार उठने लगा। धुंआ उठता देखकर लोग दौड़े। कमरे के पास पहुंचे तो दंग रह गए। आलमारी धू धू कर जल रही थी। मौके पर जुटे ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान आलमारी में रखा सब कुछ जलकर राख हो गया था। अवधेश का कहना है कि पिछले हफ्ते भैंस बेची थी जिसके 30 हजार नकद रुपये आलमारी में ही थी। इसके अलावा कीमती गहने और कपड़े भी जलकर राख हुए हैं। परिवार वालों का मानना है कि आग दिये से ही लगी है। आग से भारी क्षति पहुंची है।
दुबौलिया प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्र के बैरागल (टकटकवा) पुरवा में बृहस्पतिवार देर रात अचानक एक आवासीय छप्पर में आग लग गई। जबतक लोग जुटते और आग पर काबू पाने में लगे तब तक देखते ही देखते आग ने और छप्पर के घरों को अपने में आगोश में ले ली। जिसके कारण जगदीश, देवमणि, सुग्रीम और हनुमान की गृहस्थी देखते ही देखते जल गई। गांव वालों ने कड़ी मेहनत कर आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक पीड़ितों को भारी क्षति हो चुकी थी।