बस्ती। संविदा एएनएम की हड़ताल के चलते सोमवार को जिले में टीकाकरण अभियान प्रभावित रहा। जिले में निर्धारित 267 सत्रों में से 72 पर टीकाकरण नहीं हो सका। इन सत्रों पर टीका लगवाने पहुंचे ड्यूलिस्ट में शामिल बच्चों और गर्भवती महिलाओं को लौटना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग अब छूटे लाभार्थियों के टीकाकरण के लिए अलग से व्यवस्था करने की बात कह रहा है।
उत्तर प्रदेश महिला स्वास्थ्य कार्यकत्री संविदा संघ के बैनर तले एएनएम स्थायीकरण, वेतनवृद्धि, स्थानांतरण और समान कार्य-समान वेतन समेत विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। कुछ एएनएम लखनऊ में प्रदर्शन कर रही हैं, जबकि अन्य ने जिला स्तर पर विरोध जताया।
हड़ताल का असर सात ब्लॉकों में देखने को मिला। बहादुरपुर में दो, बनकटी में 10, गौर में 21, परशुरामपुर में 10, भानपुर में 14, रुधौली में छह और सल्टौआ में नौ टीकाकरण सत्र प्रभावित हुए। इन सत्रों पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों का टीकाकरण नहीं हो सका।
नियमित एएनएम ने संभाला मोर्चा
कुदरहा, मरवटिया, हर्रैया और कप्तानगंज में नियमित एएनएम के माध्यम से टीकाकरण सत्र संचालित किए गए। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एके चौधरी ने बताया कि 195 सत्र आयोजित हुए, जिनमें करीब तीन हजार बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों का टीकाकरण किया गया। प्रभावित सत्रों के लाभार्थियों के लिए अलग व्यवस्था बनाई जा रही है, ताकि उनका टीकाकरण कराया जा सके। अर्बन हेल्थ कोऑर्डिनेटर सचिन चौरसिया ने बताया कि शहरी क्षेत्र में 11 फील्ड सत्र आयोजित किए गए। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, पीएचसी नरहरिया और बरदहिया में भी टीकाकरण सत्र लगे। शहरी क्षेत्र में कोई सत्र प्रभावित नहीं हुआ।
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आठ सूत्रीय मांगों को लेकर एनएचएम कर्मचारियों ने सौंपा ज्ञापन
नगर बाजार। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ की सीएचसी मरवटिया-बस्ती ब्लॉक इकाई के कर्मचारियों ने आठ सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एमओआईसी डॉ. विनोद कुमार को सौंपा। कर्मचारियों ने एनएचएम संविदा कर्मियों के नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन समेत विभिन्न मांगें उठाईं।
ज्ञापन में लंबे समय से एनएचएम के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और स्वास्थ्य विभाग में एनएचएम के ऐसे पदों के सृजन की मांग की गई, जो अभी तक सृजित नहीं हैं। नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन लागू होने तक कर्मचारियों व उनके आश्रितों के लिए कम से कम 10 लाख रुपये की फैमिली फ्लोटर कैशलेस चिकित्सा सुविधा, महंगाई भत्ता, ईपीएफ, एचआरए और ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग भी की गई।
इसके अलावा रिक्त पदों पर गैर-जनपद स्थानांतरण नीति बहाल करने, सेवाकाल में कर्मचारी की मृत्यु होने पर पात्र आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देने, आउटसोर्स कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने और नियमित भर्तियों में एनएचएम संविदा कर्मचारियों के लिए कम से कम 25 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने की मांग की गई।
ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष इंद्रेश कुमार चौधरी, महामंत्री पंकज सिंह, डॉ. अमित पांडेय, अश्वनी मिश्रा, अमित कुमार, राम सकल, रागिनी शुक्ला, डॉ. प्रियंका, पूनम यादव, सुनीता यादव, संगीता, अखिलेश त्रिपाठी, जावेद अहमद, शशांक पांडेय और डॉ. शिवांगी शामिल रहे। अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी एनएचएम कर्मचारियों ने विरोध जताया।
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कोट
हड़ताल पर गईं एएनएम और अन्य कर्मचारियों की सूचना निदेशालय को भेज दी गई है। टीकाकरण समेत स्वास्थ्य सेवाओं पर असर न पड़े, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
-डॉ. राजीव निगम, सीएमओ, बस्ती