मेडिकल कॉलेज कैली की सोसायटी गठित
सोसायटी के अध्यक्ष होंगे स्वास्थ्य शिक्षा मंत्री
रजिस्ट्रेशन के बाद सोसायटी खींचेगी कैली के विकास का खाका
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। ओपेक चिकित्सालय कैली को मेडिकल कॉलेज का दर्जा मिल चुका है। हालांकि, अभी इस अस्पताल के विकास को लेकर कोई रूपरेखा तय नहीं की जा सकी है। क्योंकि नियमानुसार मेडिकल कॉलेज सोसायटी ही संसाधनों व चिकित्सकों की तैनाती को लेकर कोई निर्णय कर सकती है। इस औपचारिकता को पूरी करने की प्रक्रिया कैली में शुरू हो चुकी है। यहां मेडिकल कॉलेज बस्ती की सोसायटी का गठन पूरा हो गया है। इस पर अंतिम निर्णय के बाद रजिस्ट्रेशन के लिए फाइल लखनऊ पहुंच गई है।
मिनी पीजीआई के तर्ज पर स्थापित ओपेक चिकित्सालय कैली की बिगड़ती स्थिति को संभालने के लिए केंद्र व राज्य सरकार की सहमति के बाद मेडिकल कॉलेज का दर्जा दिया गया। इसके बाद तमाम औपचारिकताएं पूरी कर दी गईं, मगर यहां संसाधनों व डॉक्टरों की कमी को पूरा करने का प्रयास सफल नहीं हो पा रहा था। मेडिकल कॉलेज की हरी झंडी मिलने के बाद से सीएमएस डॉ. सोमेश चंद्र श्रीवास्तव इसके विकास को लेकर दौड़ भाग शुरू किए। यह प्रावधान है कि मेडिकल कॉलेज की सोसायटी गठित हो और यही सोसायटी इसके विकास का खाका खींचे। इस औपचारिकता को भी पूरा कर लिया गया है। मेडिकल कॉलेज कैली की सोसायटी गठित हो गई है। इसके अध्यक्ष स्वास्थ्य शिक्षा मंत्री हैं, जबकि इसके सदस्य प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा, प्रमख सचिव वित्त, आयुक्त, महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा, सीएमओ व सीएमएस कैली होंगे। यह सोसायटी गठित हो चुकी है। सोसायटी गठन पर मुहर लगने के बाद अब इसकी फाइल रजिस्ट्रेशन के लिए लखनऊ पहुंच गई है। सीएमएस कैली डॉ. सोमेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि सोसायटी गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। रजिस्ट्रेशन के लिए फाइल लखनऊ भेजी जा चुकी है। उम्मीद है कि सोमवार तक यह औपचारिकता भी पूरी हो जाएगी। इसके बाद सोसायटी जरूरत के मुताबिक कैली की स्वास्थ्य सुविधाओं का खाका खींचेगी।