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Basti News: टेढ़ी नदी के पीपा पुल में फंसकर 17 भैंसों की मौत

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पीपा पुल के नीचे भैंस मृत मिली स्रोत विभाग
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विक्रमजोत। छावनी थाना क्षेत्र के छतौना गांव में टेढ़ी नदी में रखे पीपा पुल के पीपों में फंसकर 17 भैंसों की मौत हो गई। भैंसें रोजाना की तरह नदी की धारा पार कर माझा क्षेत्र में चरने गई थीं। लौटते समय तेज बहाव में पीपा पुल के नीचे फंसने से उनकी दम घुटने से मौत होने की आशंका है। सोमवार सुबह घटना की जानकारी होने पर पशुपालकों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीपा पुल हटाकर भैंसों के शव बाहर निकलवाने की मांग की है।
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बता दें कि बीड़ी तटबंध से सटे छतौना गांव के अंत्येष्टि स्थल के पास हर वर्ष पीपा पुल बनाया जाता है। बाढ़ के दौरान पुल के पीपों को अलग कर नदी के दूसरी ओर रस्सी से खंभों में बांध दिया गया था। बाढ़ समाप्त होने के बाद पीपा पुल लगाने वाले ठेकेदार दोबारा इसका इस्तेमाल करते हैं। विक्रमजोत और चांदपुर गांव के करीब 10-12 पशुपालकों की सैकड़ों भैंसें रविवार को टेढ़ी नदी पार कर माझा क्षेत्र में चरने गई थीं।
शाम तक कुछ भैंसों के वापस नहीं लौटने पर पशुपालकों ने खोजबीन शुरू की। देर रात विक्रमजोत निवासी संतू सिंह की तीन भैंसें भौसिया नहर हेड के पास कीचड़ में फंसी मिलीं। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला। सोमवार सुबह छतौना गांव के पीपा पुल के पीपों में बड़ी संख्या में भैंसें फंसी होने की जानकारी ग्रामीणों को मिली। मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। ग्राम प्रधान अमरेश सिंह बब्लू ने छावनी पुलिस और एसडीएम हर्रैया को सूचना दी।
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सूचना पर राजकीय पशु चिकित्सालय के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राममूर्ति वर्मा और हल्का लेखपाल फैज अंसारी मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की ओर से उपलब्ध कराई गई स्टीमर से दोनों अधिकारी ग्रामीणों के साथ पीपा पुल तक पहुंचे। ग्रामीणों ने पीपे के नीचे पानी में फंसे और दबे भैंसों के शवों को बाहर निकालने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से पीपा पुल हटवाकर शव बाहर निकलवाने की मांग की।


नौ पशुपालकों की 17 भैंसों की पहचान

पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राममूर्ति वर्मा के अनुसार, भैंसों के कान में लगे टैग, गले में बंधी रस्सी और अन्य पहचान के आधार पर अब तक नौ पशुपालकों की 17 भैंसों की पहचान हुई है। इनमें विक्रमजोत निवासी लल्लन की तीन, जगदंबा यादव की तीन, सताऊ की दो और चांदपुर निवासी माझी लाल की एक भैंस शामिल है। इसके अलावा धर्मेंद्र की दो, पराना देवी की एक और रमेश की तीन भैंसों की भी पहचान हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि कई अन्य भैंसें भी अभी माझा क्षेत्र से वापस नहीं लौटी हैं। ऐसे में मृत भैंसों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। शव पीपा पुल के नीचे फंसे होने के कारण उन्हें निकालने में दिक्कत आ रही है।
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