क्षय रोग के मरीजों को अब पांच सौ रुपये भी
- मुफ्त इलाज, बेहतर भोजन की भी व्यवस्था
- जिले के तकरीबन 1,800 मरीजों को मिलेगा लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। क्षय रोग पर नियंत्रण व उसके उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। इस बीमारी को जड़ से मिटाने के लिए इस रोग से पीड़ित मरीजों का इलाज निशुल्क किया जा रहा है। इसके लिए जिले भर में कई सेंटर खोले गए हैं। जहां मरीजों को दवा खिलाई जाती है। इस रोग का एक कारण स्वास्थ्य विभाग कुपोषण भी मानता है। इसके तहत अब ऐसे मरीजों को दवा के साथ ही हर महीने पांच सौ रुपये भी दिया जाता है। यह रकम मरीज के खाते में क्षय रोग विभाग भेजता है।
क्षय रोग प्रभावित तमाम लोग इसके बारे में लोगों को बताने से परहेज करते हैं। इससे जहां उनकी बीमारी गंभीर हो जाती है वहीं इसके वायरस परिवार के अन्य लोगों को भी अपने चपेट में ले लेते हैं। इस बीमारी को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों को घर-घर जाकर क्षय रोग के मरीजों को चिह्नित करने का निर्देश दिया गया था। चिह्नित किए जाने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जो रिपोर्ट मिली है, उसमें बस्ती जिले में करीब दो हजार क्षय रोग से प्रभावित मरीज होने की बात सामने आई है। इन मरीजों का इलाज गांव के निकट ही हो जाए, इसके लिए डाट सेंटर भी खोले गए हैं। जहां मरीजों को हर रोज दवा खिलाई जाती है। यह क्रम तब तक चलता है, जब तक रोगी पूरी तरह ठीक नहीं हो जाता है। सर्वे में इस रोग का एक और कारण कुपोषण बताए जाने के बाद विभाग सचेत हो गया है। अब क्षय रोग से प्रभावित मरीजों को हर महीने पांच सौ रुपये दिए जाने की व्यवस्था की गई है। यह रकम मरीजों के खाते में भेजी जाएगी। इस धन का उपयोग मरीज पोषित भोजन के लिए करेगा।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सीएल कन्नौजिया ने बताया कि शासन की योजना के तहत वर्तमान में हर माह 1800 मरीजों को पांच सौ रुपये प्रति मरीज के हिसाब से उनके खाते में भेजा जा रहा है।