खतरे के निशान से ऊपर सरयू, कई गांवों में घुसा पानी
देर शाम तेजी से बढ़ने लगा जलस्तर, दहशत में ग्रामीण
कटरिया चांदपुर तटबंध पर खतरा बढा, बैकरोलिंग से ठोकर पर बढ़ा दबाव
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सरयू का जलस्तर धीरे-धीरे ऊपर की ओर चढ़ने लगा है। इसके चलते कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। नदी के पेटा में बसे दुबौलिया क्षेत्र के खजांचीपुर, विसुनदास पुर का पुरवा, दिलासपुर, पहाडवापुर, बरदिया लोहार, देवारागंगबरार विक्रमजोत के कल्याणपुर, सहजौरा, भरथापुर पड़ाव, व रानीपुर कठवनिया में पानी घुस गया है। यह गांव बाढ़ से घिर गए हैं। कटरिया-चांदपुर तटबंध पर तेजी से बढ़ते जलस्तर से पानी का दबाव बढ़ गया है, जिससे ग्रामीण दहशत में हैं।
दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुसार सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण बृहस्पतिवार शाम नदी खतरे के 59 सेमी ऊपर बह रही है। इसके चलते कटरिया चांदपुर-तटबंध और नदी के बीच बसे गांवों पानी घुसने लगा। सुविखा बाबू व टेढ़वा में पंद्रह दिनों से लोग नाव से आ जा रहे हैं। नदी में उफान के चलते कटरिया-चांदपुर तटबंध पर पानी सीधा तटबंध से टकरा रहा है, तटबंध पर बने ठोकरों के पूर्वी हिस्से पर बैकरोलिंग से नदी लगातार कटान कर रही है। बुधवार दोपहर दो बजे भिउरा व चांदपुर गांव के पास बने ठोकर का पूर्वी हिस्सा करीब बीस मीटर कट कर बह गया। इधर प्रशासन ने बाढ़ में राहत सामग्री का वितरण शुरू कर दिया है। एसडीएम हर्रैया एसपी शुक्ल के नेतृत्व में खाद्य सामग्री ग्रामीणों को उपलब्ध कराई गई है। पशु चिकित्साधिकारी चिलमा डॉ. केएस चौधरी ने सुविखाबाबू, टेढवा व खजांचीपुर में पशुओं के चारा के लिए भूसा का वितरण करवाया है।
विक्रमजोत प्रतिनिधि के अनुसार विक्रमजोत लोलपुर बांध के ठोकर संख्या एक व दो पर नदी की मुख्य धारा सीधे टकरा कर कल्याणपुर सहजौरा की ओर बढ़ रही है। पिछले दो हफ्तों में ठोकरो की हालत बेहद खराब हो गयी है। नोज का लगभग बीस मीटर हिस्सा नदी मे समा चुका है। बाढ़ प्रखंड के अधिकारी बचाव की औपचारिकता निभा ईंट के रोडे और बालू भरी बोरियों से कटान रोकने में जुटे हुए हैं। वही लगातार जलस्तर बढ़ने से नदी का पानी बांध विहीन गांवों के रास्ते फोरलेन के दोनो ओर जमा होने लगा है। भदोई, बाघानाला, खतमसराय, फूलडीह, मुडेरीपुर सहित कई स्थानों पर धान व सब्जी की फसल पानी में डूब गई है। यही नही दो दिनों से बाढ़ का पानी फोरलेन पर बने पुलियों के रास्ते निचले इलाकों में पहुंच गया है। कल्याणपुर, सहजौरा, भरथापुर पडाव व रानीपुर कठवनिया गांव पानी से घिर गये हैं। यहां के मुख्य रास्ते में दो से तीन फुट पानी भर गया है जिससे लोगों को आने जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। नदी खतरे के निशान से 65 सेमी से ऊपर पहुंच गई है। केंद्रीय जल आयोग की मानें तो बृहस्पतिवार की शाम चार बजे तक नदी का जलस्तर 93.400 मीटर पर है। जलस्तर में हुई बढ़ोत्तरी के चलते दर्जन भर गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, जबकि आधा दर्जन गांव मैरुंड होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। बाढ़ का पानी रिधौरा, सिकंदरपुर, हैदराबाद, जोगापुर समेत दर्जन भर गांव की फसल जलमग्न हो गई है और पानी रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ रहा है।