बस्ती । सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद हक के लिए आंदोलित शिक्षा मित्रों का आंदोलन चौथे दिन भी जारी रहा। शनिवार को शिक्षा मित्र बीएसए कार्यालय पर एकत्र हुए और सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए पैदल कर सदर विधायक दयाराम चौधरी के विकास भवन के निकट स्थित आवास को घेर लिया। शिक्षा मित्रों ने दयाराम चौधरी को दो सूत्रीय मांग पत्र दिया।
कहा कि सरकार निश्चित रूप से सकारात्मक कदम उठाएगी। इसके बाद शिक्षा मित्रों का काफिला विकास भवन पहुंचा और सांसद हरीश द्विवेदी का घेराव कर न्याय की गुहार लगाया। सांसद ने ज्ञापन लेते हुए कहा कि वे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मिलकर समस्या के निस्तारण का आग्रह करेंगे। शिक्षा मित्र धैर्य बनाये रखें, भाजपा उनके साथ है। शिक्षा मित्रों का एक प्रतिनिधिमण्डल बस्ती से दिल्ली चलें, वे प्रधानमंत्री से भेंट कराकर प्रभावी निस्तारण का आग्रह करेंगे। शिक्षा मित्रों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि रविवार को विधानसभावार शिक्षा मित्र अपने-अपने क्षेत्र के विधायकों का घेराव कर ज्ञापन देंगे। इसके पूर्व बीएसए कार्यालय पर आयोजित सभा को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष उदयशंकर शुक्ल ,अभय सिंह यादव, आनन्द दूबे, राम विलास चौधरी, सन्तोष भट्ट, वीरेन्द्र शुक्ल, प्रवीण श्रीवास्तव, मुक्तेश्वर यादव, राम पराग चौधरी, विजय बहादुर यादव, दिनेश उपाध्याय, मजहर अब्बास, सरिता पाण्डेय, आदि ने संबोधित किया। कहा कि केन्द्र और उत्तर प्रदेश सरकार तत्काल ठोस निर्णय ले। जब तक कोई प्रभावी निर्णय नहीं आ जाता परिषदीय विद्यालय बंद रहेंगे। इस मौके पर राजकुमार सिंह, अखिलेश मिश्र, चन्द्रभान चौरसिया, संजीव शर्मा, राघवेन्द्र उपाध्याय, रजनीश मिश्र, गिरजेश दूबे, सन्तोष शुक्ल, प्रदीप दूबे, संदीप सिंह, मनोज शुक्ल, सुनील तिवारी, रत्नेश चौधरी, विनीत चौधरी, पवन तिवारी, अभिषेक सिंह, दिनेश पाण्डेय,अर्चना वर्मा, नीलम त्रिपाठी, विन्दू यादव, संगीता यादव, मुद्रिका सिंह, अवंतिका मिश्र सहित अन्य मौजूद रहे।
हर गतिविधियों पर रखी जा रही नजर
बस्ती। शासन की ओर से जो दिशा-निर्देश प्राप्त हुए हैं, उनमें नेताओं की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने और हर मूवमेंट की वीडियोग्राफी कराने को कहा गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर कोई उग्र होकर सरकारी या फिर जन संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है, तो ऐसे लोगों से सख्ती से निपटा जाए। डीएम और बीएसए ने कह कि किसी भी दशा में हिंस बर्दास्त नहीं की जाएगी, अगर किसी अध्यापक को स्कूल जाने से रोका गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। शिक्षकों को स्कूल जाने वालों की सूची बनाई जा रही है। शासन- प्रशासन सहित विभाग की मंशा आंदोलन के चलते स्कूलों के संचालन बंद होने की है।