राजस्व वसूली में अव्वल रहा परिवहन विभाग
842 वाहनों का अधिक पंजीकरण, टैक्स के रूप में 80 लाख रुपये बकाया जमा
वित्तीय वर्ष की शुरुआत में विभाग ने लक्ष्य से अधिक किया राजस्व की प्राप्ति हरिशंकर तिवारी
बस्ती।
संभागीय परिवहन विभाग ने मई महीने में राजस्व वसूली में प्रदेश में पहला स्थान मिला है। जबकि अप्रैल महीने में चौथे स्थान पर रहा था। शासन ने मई महीने में मंडल को 810.32 लाख रुपये लक्ष्य के सापेक्ष 1071.79 प्राप्त हुआ। जो लक्ष्य के 132.19 प्रतिशत है। सरकारी खजाने में 32 लाख रुपये अधिक जमा हुए। इस प्रकार से विभाग ने शासन के लक्ष्य से अधिक वसूली करके विभाग को फायदा पहुंचाया है। विभाग के अधिकारियों ने बकायेदारों के पास डिमांड नोटिस भेजकर ऑफिस बुलाया गया। उनसे पुराने वाहनों के टैक्स, रिन्यूअल के रूप में 80 लाख रुपये जमा करवाए गए। इसमें ट्रक, बस, आटो, मिनी बस, स्कूल बस सहित व्यावसायिक वाहन शामिल हैं।
इसके अलावा राजस्व वृद्धि पिछले वर्ष मई में जहां 3251 गाड़ियों रजिस्ट्रेशन हुआ था। जबकि इस वर्ष 4093 गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। इस प्रकार से 842 वाहनों का अधिक पंजीकरण हुआ है। इसमें 90 प्रतिशत बाइक और 10 प्रतिशत कार की बिक्री हुई है। व्यावसायिक वाहनों में 67 की जगह 107 वाहनों की बिक्री हुई है। इन सब के चलते विभाग को अप्रैल और मई महीने में विभाग ने लक्ष्य से अधिक वसूली की है। मंडल को वार्षिक 46.84 करोड़ का लक्ष्य मिला है। इसमें अप्रैल महीने में जिले से 423.26 लाख निर्धारित था। विभाग को 510.18 करोड़ रुपये प्राप्त हुआ। जो लक्ष्य का 120.54 प्रतिशत है। इस महीने में प्रदेश में जिले को चौथा स्थान मिला। सिद्धार्थनगर में 238.28 के सापेक्ष 237.21 की वसूली हुई। संतकबीरनगर ने 214.71 के सापेक्ष 230.44 करोड़ रुपये वसूल किया। मंडल के 876.25 के सापेक्ष 977.83 लाख रुपये प्राप्त हुए। जो लक्ष्य को 111.59 प्रतिशत है।
वहीं, मई महीने में जिले को 391.89 लाख के सापेक्ष 539.81 लाख प्राप्ति, सिद्धार्थनगर ने 220.62 के सापेक्ष 221.34 लाख, संतकबीरनगर ने 198.31 के सापेक्ष 180.58 लाख रुपये के राजस्व की वसूली की। जबकि पिछले वर्ष 9697.35 की जगह 2049.62 करोड़ रुपये वसूला गया। जो लक्ष्य से 21.14 प्रतिशत था।
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लर्निंग और परमानेंट लाइसेंस बनवाने वालों की संख्या बढ़ी
अप्रैल महीने में आठ सौ, मई में 1200 लर्निग, जबकि अप्रैल और मई में दो हजार परमानेंट लाइसेंस जारी हुए हैं। केंद्र सरकार ने दिसंबर से लाइसेंस बनवाने की फीस में वृद्धि कर दी है।
क्या कहते हैं अधिकारी
आरटीओ डॉ. आरके विश्वकर्मा ने बताया कि मई महीने में मंडल ने राजस्व वसूली में प्रथम स्थान मिला है। इसका प्रमुख कारण बकायादारों से टैक्स जमा कराया गया। जबकि वाहनों के रजिस्ट्रेशन अधिक हुआ है।