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मस्टरोल बनाने में रूचि नहीं ले रहे बीडीओ

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मनरेगा उपायुक्त का बीडीओ को नोटिस
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मस्टरोल बनाने में रुचि नहीं ले रहे बीडीओ
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का हाल
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में लाभार्थियों के कार्य करने के बावजूद उन्हें मजदूरी नहीं मिल रही। बीडीओ की ओर से मस्टरोल ही फीड नहीं किया जा रहा है जबकि 410 लाभार्थियों को द्वितीय किस्त तक जारी हो चुकी है। इसे लेकर मनरेगा उपायुक्त ने सभी बीडीओ को नोटिस जारी किया है।
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नियमानुसार इस योजना में जिस व्यक्ति के नाम आवास आवंटित होता है, उसे आवास निर्माण में मजदूरी करने की भी छूट दी गई। एक आवास निर्माण में सरकार 90 दिन की मजदूूरी का भुगतान लाभार्थी को करती है। सरकार इसके लिए लाभार्थी के खाते में प्रतिदिन 175 रुपये की दर से मजदूरी का भुगतान करती है ताकि लाभार्थी को इसी बहाने आर्थिक लाभ हो सके। इसके तहत एक लाभार्थी को सरकार 15,750 रुपये अतिरिक्त मजदूरी के रूप में देती है। मनरेगा आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2016-17 में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में 10476 आवासविहीन को आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इस योजना में सरकार एक आवास के निर्माण पर तीन किस्तों में एक लाख 20 हजार रुपये देती है। प्रथम किस्त के रूप में 6775 लाभार्थियों के खाते में प्रति लाभार्थी 40 हजार रुपये की दर से भेजा चुका है। इनमें 410 लाभार्थियों को द्वितीय किस्त के रूप और 40 हजार्र भेजा गया। बताया कि द्वितीय किस्त जारी होने बाद बीडीओ का मस्टरोल जारी कर देना चाहिए, मगर जारी नहीं किया गया। इसके लिए सभी बीडीओ को नोटिस जारी किया गया है। बताया कि संज्ञान में आया है कि कई ऐसे लाभार्थी हैं, जिसने बैंक से धन तो निकाल लिया मगर नींव नहीं खोदवाई। बिना नींव खोदवाए मस्टरोल नहीं निकलेगा।
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