बस्ती। जिले में शनिवार को आग ने घरों और फसलों पर कहर बरपाया। सुबह से लेकर रात तक कुल 16 रिहाइशी झोपड़ियां और दो सौ बीघे गेहूं व गन्ने की फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने का भरसक प्रयास किया लेकिन पछुआ हवा ने घी का काम किया। शनिवार रात आठ बजे हर्रैया क्षेत्र के आमा पांडेय, कलवारी क्षेत्र के बरकटहिया में लगी आग में 13 और छावनी क्षेत्र के लखना गांव की तीन झोपड़ियां जल गईं। जबकि रुधौली के तिगोड़वा और मुंडेरवा के रामपुर रेवटी के सिवान में 180 बीघे फसल जल गई। फायर ब्रिगेड को दिन भर दौड़ लगानी पड़ी। देर से पहुंचने की वजह से लोगों की नाराजगी भी झेलनी पड़ी।
महराजगंज प्रतिनिधि के अनुसार, हर्रैया थानाक्षेत्र के आमा पांडेय गांव में शनिवार रात करीब आठ बजे अज्ञात कारणों से आग लग गई। मजदूरों के मोहल्ले के ज्यादातर घर फूस के थे। आग ने सभी करीब 10 घरों को चपेट में ले लिया। गांव के लोगों ने फायर ब्रिगेड को सूचित किया लेकिन टीम आधे घंटे बाद पहुंची। फायर कर्मियों ने बताया कि वह लोग अमारी बाजार में लगी आग बुझा रहे थे। घटना में वहां के सुभाष, तुलसीराम, संतराम, मनीराम, गंगाराम, शत्रुघ्न ,पूजन राम शंकर, अमित, राम दुलारे आदि के घर में तन पर कपड़े के अलावा कुछ नहीं बचा है। समाचार लिखे जाने तक आग की लपटें निकल रही थीं।
कलवारी संवाद के अनुसार क्षेत्र के बरकटहिया गांव में रात लगभग 8 बजे अज्ञात कारणों से लगी आग में तीन रिहाइशी झोपड़ी जल गई। ग्राम पंचायत अगौना के बरकटहिया मुहल्ले में पप्पू की झोपड़ी से उठी चिंगारी ने बगल के सुमन तथा जय सिंह की झोपड़ी को भी जद में ले लिया। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों की मदद के बाद भी जब आग पर काबू नहीं पाया जा सका, तब ग्राम प्रधान विजय कुमार यादव ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस तथा अग्नि शमन दल को दी। सबके अथक परिश्रम तथा अग्नि शमन दल के जवानों ने आग पर काबू पाया।