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चीनी मिल लगने से 10 फीसद बढ़ा गन्ने का रकबा

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चीनी मिल लगने से 10 फीसदी बढ़ा गन्ने का रकबा
पिछले सत्र में 10404 हेक्टेयर में बोया गया था
सर्वे कार्य शुरू, अब दलालों के हाथ नहीं लगेगा सट्टा
अमर उजाला ब्यूरो
मुंडेरवा। नई शुगर मिल के ट्रायल के बाद पिछले सत्र के मुकाबले औसतन 10 फीसदी ही गन्ने की अधिक बुआई की गई है। गन्ना विकास अधिकारी को उम्मीद है कि इस सत्र में क्षेत्रफल में निश्चित ही बढ़ोत्तरी होगी। दलालों पर नकेल के लिए गन्ने का सर्वे हो रहा है। किसानों के फॉर्म में खतौनी भी लगाई गई है।
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मुंडेरवा की नई मिल लगने से क्षेत्र के गन्ना किसानों में खुशी तो है लेकिन अभी गन्ने के रकबे में विशेष वृद्धि नहीं हुई है। हालांकि, गन्ना सर्वे का कार्य अभी चल रहा है। मुंडेरवा शुगर मिल के क्षेत्र में मुंडेरवा गन्ना समिति के 618 गांव, खलीलाबाद समिति के 484 और बस्ती समिति के 120 गांव आते हैं। पिछली पेराई सत्र में 10,404 हेक्टेयर गन्ने की पैदावार हुई थी। इस सत्र के लिए बुआई का सर्वे कार्य हो रहा है जो पांच जुलाई तक चलेगा। ज्येष्ठ गन्ना विकास अधिकारी मधुकर ने बताया कि इस वर्ष अधिकतम 10 फीसदी ही गन्ने के क्षेत्रफल में वृद्धि हुई है। पिछले सत्र में नई मिल के ट्रायल के बाद किसानों में अब विश्वास जगा है। इसके चलते गन्ने की बुआई ठंड में बढ़ेगी जो कि 2020-21 के लिए रकबे में बढ़ोत्तरी दर्ज की जाएगी। बताया कि गन्ना दलाल फर्जी सट्टा न बनवा सकें इसके लिए जिन किसानों के घोषणा पत्र में खतौनी नहीं लगी है, उनका सट्टा संचालित होना सम्भव नहीं है। वहीं, शुगर मिल के गन्ना प्रबंधक राकेश शाही ने बताया कि मुंडेरवा समिति के 618 गांव में 257 गांवों के गन्ने का सर्वे कार्य हो चुका है। बताया कि फर्जी सट्टा न बन सके इसके लिए गन्ने का सर्वे कार्य बुधाकला गांव से शुरू किया गया है।
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