टला गेहूं भंडारण का संकट, मिला गोदाम
मुंडेरवा चीनी मिल के गोदाम में भंडारण को मिली सहमति
15 हजार एमटी मुंडेरवा में तो छह हजार एफसीआई गोदाम में होगा भंडारण
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। न्यूनतम मूल्य समर्थन योजना में गेहूं खरीद के बाद भंडारण को लेकर तंत्र के माथे पर पसीना था। क्योंकि कभी भी बारिश आ सकती है और 21 हजार एमटी गेहूं गोदाम से बाहर था। इस समस्या का हल डीएम डा. राजशेखर की पहल से निकल गया है। गेहूं भंडारण का संकट टल गया है। क्योंकि उसे रखने के लिए भंडारण की व्यवस्था प्रशासनिक पहल पर हो गई है।
जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य 84100 एमटी तय है। यह खरीद 15 जून तक होगी। अब तक करीब पचास हजार एमटी की खरीद हो चुकी है। हालांकि अधिकांश गेहूं भंडारित हो चुका है, मगर 21 हजार एमटी गेहूं अब भी बाहर था। इसे लेकर खरीद एजेंसियां व प्रशासनिक तंत्र परेशान था। इस बीच प्रशासन ने इसका हल खोजा जरूर मगर उसका कोई सार्थक परिणाम सामने नहीं आया। इसके बाद जिला विपणन अधिकारी गोरखनाथ त्रिपाठी के सुझाव पर डीएम डा. राजशेखर ने मुंडेरवा स्थित सुगर मिल के गोदाम को किराए पर लेने की पहल की। उनकी पहल रंग लाई और आयुक्त गन्ना सहित शासन ने गोदाम को गेहूं भंडारण के लिए मुहैया करा दिया। यह गोदाम पंद्रह हजार मीट्रिक टन का है। हालांकि छह हजार एमटी गेहूं बाहर था, मगर इसका भी हल निकल गया है। क्योंकि जून माह में पीडीएस से उठने वाले अनाज के बाद छह हजार एमटी से अधिक जगह रिक्त होगी, जिसमें खरीद किए गए गेहूूं का भंडारण किया जाएगा।
डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ त्रिपाठी ने कहा कि भंडारण की समस्या फिलहाल टल गई है। मुंडेरवा सुगर मिल का गोदाम मिला है। इसका उपयोग गेहूं भंडारण के लिए किया जाएगा। शेष जो भी खरीद होगी वह इस माह में पीडीएस उठान से रिक्त स्थान में भंडारित हो जाएगा।