गैर इरादतन हत्या में सगे भाइयों सहित तीन को सजा
गौर थाना क्षेत्र का मामला, प्रत्येक पर आठ-आठ हजार का अर्थदंड भी
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी संजीव यादव की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के मामले में सगे भाइयों सहित तीन को छह-छह वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर आठ-आठ हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। इसे अदा न करने पर तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
विशेष लोक अभियोजक आनंद प्रिय मौर्य ने कोर्ट में घटना का विवरण रखा। बताया कि गौर थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर तीन लोहिया नगर भटहा जंगल निवासी मिट्ठू ने थानाध्यक्ष गौर को लिखित सूचना दी कि 10 फरवरी 2011 को साढ़े सात बजे सुबह गांव के राम बुझारत चौधरी को उनके परिवार के लोग जबरदस्ती उसके घर के दक्षिण धान कूटने की मशीन लगा रहे थे, जिससे उसका रास्ता अवरुद्ध हो रहा था। मना करने पर शोभाराम, राम बुझारत, आशाराम, सुरेश, रामलौट, सोमई, विजय व प्रताप चौधरी ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित करते हुए जान से मारने की धमकी दी। लाठी-डंडे से मारेपीटे। इसमें उसे तथा उनके भतीजे रामधीरज को गंभीर चोट आई। शोर मचाने पर बचाने पहुंचे चंद्रावती, मीरा, किरन और रामजस पर भी हमला किया, जिससे उन्हें भी चोट आई। गंभीर हालत में रामधीरज को पीएचसी गौर पहुंचाया गया, जहां उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इलाज के दौरान उसी दिन रामधीरज की मौत हो गई। रिपोर्ट के आधार पर गैर इरादतन व एससी/एसटी सहित अन्य धाराओं में आठ के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल हुआ। मुकदमा के दौरान रामबुुझारत की मृत्यु हो गई। अभियोजन की ओर से वादी व चोटहिलों सहित तेरह गवाहों के बयान हुए। बचाव पक्ष से झूठा फंसाए जाने का तर्क दिया गया। गवाहों के बयान व सबूतों के आधार पर न्यायाधीश ने सगे भाई आशाराम, सुरेश व शोभाराम को गैर इरादतन हत्या के जुर्म में दोषी मानते हुए उक्त सजा सुनाई है। इसके अलावा राम लौट, सोमई, विजय व प्रताप को कोर्ट ने दोषमुक्त किया।