तीखी धूप, मौसम की मार, बच्चे बीमार
चिल्ड्रेन वार्ड के 45 बेड पर 55 बच्चे भर्ती, अधिकतर डायरिया व वायरल फीवर के मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। मौसम के तेवर सख्त हैं। इसमें जरा सी लापरवाही डायरिया व वायरल फीवर का कारण बन रही है। इस मौसम का सर्वाधिक असर बच्चों पर है। क्योंकि बच्चों में प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। मौसम के इसी तेवर के शिकार इन दिनों बच्चे हो रहे हैं। जिला अस्पताल में जहां ओपीडी खचाखच है, वहीं, चिल्ड्रेन वार्ड में 45 बेड पर 55 बच्चों को भर्ती किया गया है। इसमें 40 बच्चे डायरिया व वायरल फीवर के हैं।
जिला अस्पताल में बच्चों के लिए 15-15 शैय्यायुक्त तीन वार्ड बनाए गए हैं। इसके अलावा जेई-एईएस के लिए अलग वार्ड बनाया गया है। अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में मंगलवार को कुल 55 मरीज भर्ती थे। इन मरीजों के लिए हालांकि वहां तैनात स्टाफ सेवा में जुटा है, बावजूद इसके संख्या घटने का नाम नहीं ले रही है। अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में आवश्यकता की तकरीबन एक दर्जन दवाएं व इंजेक्शन उपलब्ध हैं। इनसे मरीजों का गर्मी की चपेट में आए बच्चों का इलाज किया जा रहा है। बावजूद इसके बाहर की भी दवाएं डॉक्टर लिख रहे हैं।
चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती सोनहा क्षेत्र के गोरखल चौकवा गांव निवासी विजय के पुत्र आठ वर्षीय अमित भर्ती हैं। इन्हें तेज बुखार है। बताया कि पहले तो यहां की दवाएं दी गई थीं, मगर जब कोई फायदा नहीं हुआ तो डॉक्टर ने बाहर की दवाएं लिख दीं। अब बच्चा ठीक है। रुधौली के ग्राम हर्रैया मिश्र निवासी नौ माह के बिफई के परिवार के लोगों ने बताया कि बच्चे को तेज बुखार के साथ पेट दर्द और उल्टी हो रही थी। दो दिन पहले भर्ती कराया गया है। यहां उन्हें सभी दवाएं उपलब्ध कराई गईं। इसी प्रकार शहर के दरियाखां निवासी पांच साल की अलीजमा पुत्री मोहसिन खान के परिवार के लोगों ने भी अस्पताल की व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि भर्ती के बाद यहीं से सारी दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। एसआईसी डॉ. ओपी सिंह ने कहा कि मौसम का प्रभाव बच्चों पर है। इसे देखते हुए सभी आवश्यक दवाओं की आपूर्ति चिल्ड्रेन वार्ड को कर दी गई है। जरूरत पड़ने पर और दवा भी उपलब्ध करा दी जाएगी। प्रयास है कि मरीजों को ज्यादा से ज्यादा अस्पताल की ही दवाएं दी जाएं।