फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गौर स्टेशन से ढाई वर्ष बाद भी नो रिजर्वेशन

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो
विज्ञापन

गौर स्टेशन से ढाई वर्ष बाद भी नो रिजर्वेशन
एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव का लाभ नहीं
गौर को मिला है आदर्श स्टेशन का दर्जा
अवध एक्सप्रेस का नियमित ठहराव भी नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
गौर। आदर्श रेलवे स्टेशन गौर से रिजर्वेशन की सुविधा नहीं है। आदर्श स्टेशन का दर्जा भले ही मिल गया मगर यात्री सुविधाएं भी यहां नगण्य हैं।
17 मार्च 2016 को इतिहास में पहली बार गौर रेलवे स्टेशन पर अवध एक्सप्रेस का ठहराव हुआ। ढाई वर्ष बीतने के बाद भी अभी न तो यहां से रिजर्वेशन की सुविधा मिली और न ही ट्रेन का नियमित रूप से ठहरा हुआ। गोरखपुर गोंडा रेलखंड के बीच स्थित गौर रेलवे स्टेशन को वर्ष 2015 में आदर्श स्टेशन का दर्जा मिला। जिसके बाद भी स्टेशन पर जो सुविधाएं होनी चाहिए वह यात्रियों को नहीं मिल सकी हैं। भारतीय रेल मंत्रालय की ओर से 17 मार्च 2016 को पहली बार बांद्रा एक्सप्रेस एवं 30 नवंबर 2016 को इलाहाबाद से चलकर बस्ती जाने वाली मनवर संगम एक्सप्रेस ट्रेनों का का ठहराव हुआ। तब क्षेत्र के व्यापारियों और आम जन में आस थी कि अब दूर तक यात्रा करना आसान होगा। रिजर्वेशन टिकट की सुविधा नहीं मिलने से लोगों को यात्रा करने में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सप्ताह में मात्र चार दिन ठहराव होने से यात्री भ्रमित रहते हैं। स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्री शुभम जायसवाल, अमन शुक्ल, जीतेंद्र सिंह, नवाब किशन कसौधन, चिंता यादव, चंद्रभान श्रीवास्तव ने बताया कि नियमित रूप से बांद्रा एक्सप्रेस का ठहराव एवं आरक्षण टिकट की सुविधा न होने से हम लोगों को आज भी गौर रेलवे स्टेशन से लखनऊ कानपुर, आगरा गुजरात मुंबई व गोरखपुर तक की यात्रा करने के लिए 35 किलोमीटर दूर बस्ती या 10 किलोमीटर दूर बभनान जाना पड़ता है। यात्रियों ने रेल विभाग के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि केवल कहने के लिए एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव किया जा रहा है, जो सुविधाएं मिलनी चाहिए वह नहीं मिल पा रही है। इन लोगों ने रेल मंत्रालय से मांग की कि शीघ्र ही गौर में यात्री आरक्षण टिकट सुविधा के साथ एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नियमित रूप से किया जाए। इसके साथ ही प्लेटफार्म संख्या एक की लंबाई व ऊंचाई बढ़ाई जाए। टूटी बाउंड्रीवाल का निर्माण दोबारा किया जाए। शौचालय, पानी, बेंच की बेहतर सुविधा की जाए। इसके साथ ही एक वर्ष पूर्व रेलवे स्टेशन के पीछे तोड़ी गई दुकानों का अतिक्रमण हटाकर बाउंड्रीवाल के निर्माण के साथ भव्य गेट का निर्माण कराया जाए और रात में लाइट की सुविधा मिले।
स्टेशन अधीक्षक सिराज उल हक से बात किया गया तो उन्होंने बताया कि प्लेटफार्म निर्माण के लिए पत्र भेजा गया है। बहुत जल्द ही निर्माण कार्य शुरु हो जाएगा। रही बात रिजर्वेशन टिकट और एक्सप्रेस ट्रेनों के नियमित ठहराव की तो यह काम रेल मंत्रालय से होना है। इसके लिए सांसद या उच्च अधिकारी ही कुछ कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्या कहते हैं जनसंपर्क अधिकारी
पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि रेल टिकट बिक्री के आधार पर आरक्षण सुविधा दी जाती है। रही बात ट्रेनों के नियमित ठहराव की तो इसके लिए रेल मंत्रालय को पत्र भेजा जाएगा। यात्रियों की सुविधाओं के लिए आदर्श स्टेशनों पर बेहतर कदम उठाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें