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आवास के लिए पथरा रहीं 192 परिवारों की आंखें
बभनान के दो वार्डों में आसरा योजना की पात्रता सूची ही नहीं तैयार
अमर उजाला ब्यूरो
बभनान। नगरीय क्षेत्र में रहने वाले गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए आसरा योजना बेआसरा साबित हो रही है। न तो हस्तांतरण हो सका और न ही पात्रता सूची की कवायद ही।
कार्यदायी संस्था सीएनडीएस ने दो वर्ष में पूरे होने वाले इस आवास योजना को चार वर्ष बाद जैसे-तैसे पूरा तो कर लिया है लेकिन हस्तांतरण कब होगा, इसकी जानकारी ही नहीं दी जा सकी है। फिर भी 192 परिवार इसकी आस में हैं। हालांकि, जिम्मेदार पात्रता सूची पूरी किए जाने की बात कह रहे हैं। तीनमंजिला बनाए जा रहे इस आवासीय भवन का निर्माण नगर पंचायत बभनान के लोहिया नगर वार्ड में 24 व पटेल नगर वार्ड में 168 आवासों का निर्माण कराया गया है। वित्तीय वर्ष 2015 में पूरा करने का लक्ष्य भी निर्धारित था पर जब योजना पूरी नहीं हुई तो तिथि को बढ़ाकर जून 2016 की गई। फिर भी निर्धारित अवधि में यह पूरी नहीं हो सकी। तिथि बढ़ने के चलते इन भवनों की लागत भी 6.49 करोड़ से बढ़ कर 10 करोड़ पर पहुंच गई।
प्रत्येक आवास में एक कमरा, किचन, बाथरूम व शौचालय है। यही नहीं आवास पेयजल व बिजली से सुसज्जित होगा। सीएनडीएस के अवर अभियंता मनीष चन्द का कहना है आवासीय भवन बनकर तैयार हो गया है। जिसे डूडा के हस्तांतरण की प्रक्रिया चल र्ही है। वहीं, पीओ डूडा सतीश सिंह का कहना हैं अभी पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार की जा रही है। इससे पहले जो सूची बनाई गई थी, उसकी जांच चल रही है। इसलिए सूची को नए सिरे से तैयार की जा रही है।
बभनान में आसरा योजना
स्वीकृति वर्ष 2014 -15
पूरी होने की तिथि दिसंबर 2015 फिर जून 2016
कुल आवासों की संख्या 192
मूल लागत 6 करोड़ 49 लाख, -संशोधित लागत 10 करोड़ एक लाख
कार्यदायी संस्था- सीएनडीएस
आस में बीत गए दो साल
वार्ड नंबर तीन लोहिया नगर के दिव्यांग राम स्वारथ का कहना है कि जब यहां पर गरीबों के आवास बनाने शुरू हुए तो उम्मीद थी की अब छत नसीब हो जाएगी लेकिन दो साल बीत गए।
महेश कुमार कहते हैं कि हमारा छह लोगों का परिवार है। आवास के इंतजार में झोपड़ी में रह रहे हैं। इसके लिए जिम्मेदारों को परवाह नहीं है। दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गोविंद राम का कहना है की जब नगर पंचायत में आसरा योजना के आवास बन रहे थे तभी छत मिलने की बात कही गई थी। नगर पंचायत कार्यालय का चक्कर लगने थक चुका हूं।
वार्ड पांच आदि शक्ति नगर के त्रिभुवन कहते हैं कि लेखपाल और नगर पंचायत कर्मियों ने कई बार बताया कि तुमको आवास मिलने वाला है लेकिन उम्मीद आज भी जीवित है।
रामचरन गौतम बताते हैं कि आवास के लिए सूची में नाम डलवाने के लिए एसडीएम कार्यालय तक दौड़ लगानी पड़ी। सूची में नाम आने के बाद भी आज तक छत नसीब नहीं हो रही है।