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शांति भंग में महामंत्री गिरफ्तार

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बस्ती। लंबे समय से एपीएन कॉलेज के छात्रसंघ पदाधिकारियों व कालेज प्रशासन के बीच चल रहे विवाद ने शनिवार को फिर तूल पकड़ लिया। आरोप है कि छात्रसंघ महामंत्री राजीव सिंह सीधे कार्यालय पहुंचे और दो कर्मियों से भिड़ गए। कर्मचारियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पाते ही कोतवाल मय दल-बल महाविद्यालय परिसर में पहुंच कर महामंत्री को हिरासत में ले लिया। बाद में उन्हें शांति भंग में चालान किया।
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दो दिन पूर्व छात्रसंघ नेताओं का चल रहा धरना समाप्त हुआ था। आरोप है कि शनिवार की सुबह जैसे ही दस बजे महाविद्यालय खुला। सभी कर्मी काम कर रहे थे कि इसी बीच महामंत्री राजीव सिंह वहां पहुंच गए। कार्यालय में पहुंचते ही वे किसी बात पर नाराज हो गए। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कपिल मुनि सिंह ने कहा कि छात्रसंघ महामंत्री पर कालेज के लिपिक व कार्यालय अधीक्षक ने आरोप लगाया कि उन्हें कमरे में बंद कर दिया गया, मगर जांच में यह बात नहीं पाई गई। कुछ कहासुनी हुई थी। छात्रसंघ महामंत्री को पुलिस कोतवाली लाकर शांति भंग में चालान कर दिया।

कार्यालय अधीक्षक और लिपिक ने दी थी मारपीट की तहरीर
एपीएन पीजी कॉलेज का विवाद नहीं थम रहा है। विवाद के चलते परीक्षा केंद्र तक बदलना पड़ा। सात प्राचार्य अब तक इस्तीफा दे चुके हैं। शनिवार को भी मारपीट की तहरीर कोतवाली में दी गई है। पहली तहरीर कार्यालय अधीक्षक लालमणि की ओर से दी गई। कहा गया कि शनिवार सुबह 10.40 बजे छात्र संघ के दो पदाधिकारी और दो अन्य कॉलेज के बाहरी लड़के कार्यालय में घुस आए और उन्हें खींचकर शौचालय के अंदर ले गए। जहां मार-पीट की। कार्यालय बंद करने का दबाव बनाने लगे। लड़कों के दहशत के चलते कार्यालय को बंद कर दिया गया। गेट पर जैसे ही पहुंचे छह अन्य लड़के मारने के लिए दौड़ा लिए। दूसरी तहरीर शनिवार को ही लिपिक सूर्य प्रताप सिंह की ओर से कोतवाली में दी गई। तहरीर में उन्हीं छात्र संघ के पदाधिकारियों का जिक्र किया गया, जो कार्यालय अधीक्षक ने किया है। लिपिक ने छात्रों पर कार्यालय से बाहर खींचकर बाहर लाकर मारने पीटने का आरोप लगाया है। दोनों तहरीर प्राचार्य के माध्यम से कोतवाली में दी गई।
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