फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ब्लाकों में मनमानी की डीडीओ पर गाज

Fri, 12 Oct 2018 11:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला बस्ती
विज्ञापन
पीएचसी भवन का डीएम डॉ.राज शेखर और सीडीओ ने किया निरीक्षण। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
बस्ती। विकास भवन और ब्लॉकों में तीन वर्ष से अधिक समय से जमे कर्मचारियों को जल्द ही स्थानांतरित कर दिया जाएगा। शुक्रवार को सदर ब्लॉक के निरीक्षण में इस तरह की कारगुजारी सामने आने के बाद डीएम की त्योरी चढ़ गई।
विज्ञापन

इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम डॉ. राजशेखर ने जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) को प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ ही कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सीडीओ को ऐसे सभी कर्मचारियों की सूची तैयार करने को कहा,जो ब्लॉक और विकास भवन में तीन वर्ष से अधिक समय बिता चुके हैं। डीएम ने सीडीओ और डीपीआरओ से 20 अक्टूबर तक सूची तलब की है। उन सभी को जल्द ही स्थानांतरित कर दिया जाएगा। कर्मचारियों के तैनाती की जांच में ब्लॉक के 20 कर्मचारियों को तीन साल से अधिक समय से जमा पाया। कई 10 से अधिक वर्षों से तैनात हैं। निरीक्षण के दौरान डीएम ने पाया कि सदर ब्लॉक के राज्य वित्त आयोग और 14 वें वित्त आयोग के मद में लिए करीब 31 लाख रुपये शेष हैं। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए सदर समेत सभी बीडीओ को आगाह किया कि दिसंबर तक कोई धन अवशेष न बचे।
वर्ष 2016-17 के लंबित उपभोग प्रमाण पत्र 20 अक्तूबर तक भेजने का निर्देश दिया। जिन ब्लॉक का 20 अक्तूबर तक प्राप्त हो जाएगा, उन ब्लॉकों को 30 अक्तूबर तक मनरेगा बजट जारी कर दिया जाएगा। जहां का उपभोग नहीं पाया गया, उनके सभी कार्य श्रमदान घोषित कर दिए जाएंगे। साथ ही संबंधित बीडीओ और अन्य अधिकारियों से खर्च किए गए पैसे की वसूली की जाएगी। डीएम ने एसबीएम (स्वच्छ भारत मिशन), मनरेगा और पीएम आवास आदि में बेस्ट क्वालिटी सुनिश्चित करने के लिए डीएम ने सभी बीडीओ और एडीओ को 30 नवंबर 2018 तक प्रतिदिन कम से कम 2 गांवों का निरीक्षण कर डीएम और सीडीओ को फील्ड विजिट रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें