बस्ती। बेसिक शिक्षा विभाग छात्र-छात्राओं को स्वेटर देने लिए 31 अक्तूबर तक समय निर्धारित किया था। अब स्थिति गड़बड़ हो गई है, क्योंकि बजट न होने के कारण अभी तैैयारी ठंडे बस्ते में है। ऐसे में व्यवस्था पटरी पर लाने में समय लगने की उम्मीद है। जिले में 1745 प्राथमिक विद्यालय, 639 जूनियर हाईस्कूल और 13 कस्तूरबा विद्यालयों में ठंड शुरू होने के पहले मैरून कलर का स्वेटर बंटना है। शैक्षिक सत्र 2018-19 में सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठ तक करीब 15 हजार बच्चे इसका लाभ पाएंगे। समय से स्वेटर बांटने की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन समिति को दी गई है। इसके तहत 31 अक्तूबर तक मैरून कलर का स्वेटर जिसका मूल्य 200 रुपये प्रति स्वेटर होगा यह तय किया जा चुका है। तय समय सीमा नौ दिन शेष है और अब तक इस मद में एक भी रुपये शासन ने नहीं दिए हैं। ऐसे में स्वेटर वितरण की व्यवस्था कागजों में ही दम तोड़ रही है।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि अभी तक इस व्यवस्था को लेकर न तो कोई टेंडर हुआ है और न ही इसके आपूर्ति की कोई नीति शासन ने निर्धारित की है। इसके नाते बेसिक शिक्षा विभाग पिछले वर्ष की वितरण प्रक्रिया को ही नीति मानकर तैयारी में जुटा था। मगर धनाभाव के चलते प्रक्रिया ठंडे बस्ते में है। इस बाबत बेसिक शिक्षा अधिकारी अरुण कुमार का कहना है कि बेसिक शिक्षा निदेशक के निर्देश पर सभी प्रधानाध्यापकों को विद्यालय में 31 अक्तूबर तक स्वेटर वितरण करा देने को कहा गया था। इसका भुगतान ई-कुबेर एप के माध्यम से होना है। मगर अभी तक शासन ने न तो कोई नीति तय की है और न धन ही उपलब्ध कराया है। जैसे ही शासन नीति तय कर धन उपलब्ध कराएगा स्वेटर वितरण शुरू हो जाएगा।