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नपा के पूर्व अध्यक्ष ने किया भारी गोलमाल

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नपा के पूर्व अध्यक्ष ने किया गोलमाल
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बस्ती।
नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष रहे भाजपा नेता भ्रष्टाचार के आरोपों से घिर गए हैं। पार्टी के जिला अध्यक्ष के बाद सांसद ने परियोजनाओं में करोड़ों के गोलमाल की शिकायत मुख्यमंत्री के पोर्टल पर की है। सीएम के निर्देश पर डीएम ने जांच कमेटी बना दी है।
नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष अशोक कुमार गुप्त की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। पार्टी के सांसद हरीश द्विवेदी भी जिला अध्यक्ष पवन कसौधन की तरह खुल कर सामने आ गए हैं। पार्टी के जिलाध्यक्ष पवन कसौधन की शिकायत पर शासन की ओर से डीएम को कार्रवाई करने का फरमान दिया जा चुका है। सांसद की शिकायत पर भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच के निर्देश दिए हैं। इस पर जिस पर जांच कमेटी गठित कर दी गई है। पिछले करीब एक साल से व्यापार मंडल के लोग नगर पालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरोध में धरना प्रदर्शन करते आ रहे हैं। व्यापारियों की ओर से की गई शिकायतों की जांच चल रही है। शिकायत में सांसद हरीश द्विवेदी ने पूर्व अध्यक्ष पर कई परियोजनाओं में करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने का आरोप लगाया है। सबसे गंभीर आरोप पुराने नगरपालिका भवन के स्थान पर बहुमंजिली व्यावसायिक माल निर्माण में है। कहा गया है कि पुराने भवन को ध्वस्त करने के एवज में निकलने वाले कीमती सामान का मूल्यांकन कराया गया। वह महज डेढ़ से दो लाख है। यही मूल्यांकन किसी निर्माण एजेंसी से कराई जाती तो उसकी कीमत 50 लाख रुपये से अधिक होती, मगर पालिका अध्यक्ष ने दबाव देकर एक खास व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए 48 लाख रुपये की वित्तीय क्षति कर दी। सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि बहुमंजिला भवन निर्माण में बेसमेंट बनाने के लिए जो मिट्टी निकाली गई उसकी कीमत ठेकेदार से नहीं ली गई, जबकि निकाली गई मिट्टी की कीमत करोड़ों में है। इतना ही नहीं निकाली गई मिट्टी का प्रयोग अमहट घाट के पास निर्मार्णाधीन पार्क में ठेकेदार की मिलीभगत से हो रहा है। सांसद ने एक अन्य गंभीर आरोप में सीएम को बताया है कि कटेश्वरपार्क का सुंदरीकरण प्रस्ताव किया गया। अमृत योजना के तहत निविदा की पत्रावली पर अभी तक पर्यावरण विभाग ने एनओसी नहीं दी, फिर भी बिना स्वीकृति के सुंदरीकरण एवं पुल का निर्माण कराने के नाम पर पूर्व सुसज्जित पार्क को गड्ढामुक्त कर दिया गया। स्वीमिंग पुल के लिए जो मिट्टी निकाली गई उसकी कीमत 50 से 80 लाख रुपये की है। इस मिट्टी का भी प्रयोग ठेकेदार की मिलीभगत से अमहट घाट के पास निर्मित पार्क के सुंदरीकरण के निर्माण में किया गया। इसी तरह अन्य गंभीर आरोप लगाते हुए पूर्व पालिका अध्यक्ष और ठेकेदार सहित इस अनियमित कार्य में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आदेश देने की मांग की गई है।
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तकनीकी टीम करेगी आकलन
एडीएम भगवान शरण ने बताया कि सांसद की ओर से पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष के खिलाफ सीएम के पोर्टल पर शिकायत की गई है। शिकायत की तकनीकी जांच के लिए दो इंजीनियरों की टीम बनाई गई है। यह टीम पालिका की संपत्तियों, वित्तीय क्षति पहुंचाने वाले उत्तरदायी अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई और क्षतिपूर्ति का आकलन कर रिपोर्ट देगी। टीम को एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
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आरोप लगाना आसान है: अशोक गुप्ता
भाजपा के दो प्रमुख जिम्मेदारों के आरोपों पर नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष अशोक कुमार गुप्त का कहना है कि लोकतंत्र है। आरोप किसी पर भी लगाया जा सकता है। सांसद और भाजपा जिला अध्यक्ष के आरोपों के अपने-अपने मकसद हैं। पार्टी जिला अध्यक्ष नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष का चुनाव लड़ना चाहते हैं। जबकि सांसद जातीयता के कारण आरोप लगा रहे हैं। सांसद बनने के बाद ही मेरे कार्यों की जांच कराई, जिसमें निर्दोष निकला। तभी से पीछे पड़े हैं। जिले में बभनान, हर्रैया और रुधौली भी नगर पंचायत है लेकिन कभी भी एक शब्द नहीं कहते। कहा कि मुझ पर विधायकों को गुमराह करने का आरोप लगा रहे जबकि विधायक कोई बच्चे तो हैं नहीं।
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