बस्ती। बस्ती-अयोध्या नेशनल हाईवे-27 पर वाहनों की रफ्तार पर लगाम नहीं है। एक्सप्रेस-वे की तरह सौ किमी प्रतिघंटा से अधिक की रफ्तार से वाहन दौड़ रहे हैं, जबकि अधिकतम स्पीड 80 किमी प्रतिघंटा है। हाईवे पर अवैध कटों की भी भरमार हैं, सिर्फ हर्रैया से कप्तानगंज तक छह किमी में 13 अवैध कट बने हुए हैं। मगर कहीं भी संकेतक नहीं लगे हैं, इससे आए दिन हादसे होते रहते हैं।
बता दें कि हर्रैया क्षेत्र के भदावल बाजार में पांच दिनों में दो लोगों की हादसे मौत हो चुकी है। इससे एनएचएआई की लापरवाही पर क्षेत्र के लोगों में दहशत और गुस्सा दोनों है। ग्रामीण खुद अब हाईवे पर बने अवैध कट, अधूरी सुरक्षा व्यवस्था और वाहनों के तेज रफ्तार को लेकर एनएचएआई को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। क्षेत्र के रवि प्रकाश कहते हैं कि बस्ती-अयोध्या फोरलेन सड़क दोनों तरफ से सुरक्षित नहीं है। व्यस्त आवागमन के बाद भी अवैध कट की भरमार है।
जिन जगहों पर एनएचएआई की ओर से कट बनाए गए हैं वहां भी प्रकाश, संकेतक और ब्रेकर की व्यवस्था नहीं है। केवल भदावल बाजार में ही चार अवैध कट हैं। इस रास्ते से पैदल और बाइक लेकर लोग अचानक सड़क पार करते हैं, इससे हादसे हो रहे हैं। बाजार क्षेत्र में वाहनों की रफ्तार निर्धारित होनी चाहिए।
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छह किमी में 13 अवैध कट
लोगों ने खुद डिवाइडर को तोड़कर बना लिए हैं अवैध कट
लखनऊ-गोरखपुर फोरलेन पर बस्ती सीमा में करीब 20 से अधिक अवैध कट है। केवल हर्रैया से कप्तानगंज छह किमी के बीच 13 अवैध कट बनाए गए हैं। इस दूरी ढाबा, दुकान, बाजार, पेट्रोलपंप और गांव होने की वजह से लोग खुद हाईवे के डिवाइडर को तोड़कर कट बना लिए हैं। फुटहिया में अभी इस हाईवे पर एक ही ओवरब्रिज होने के चलते भी दिक्कत होती है। चूंकि, यहां आगे स्कूल-कॉलेज हैं, ऐसे में विद्यार्थी इसी रास्ते से अवैध कट से पार करते हैं। सड़क पर सफेद पट्टी और ब्लैक स्पॉट पर भी सुरक्षा के उपाय नहीं है। परसा, फुटहिया संसारपुर, दुबखरा, कटया, रुधौली, पॉलिटेक्निक जैसे प्रमुख स्थानों पर यह समस्या विकराल रूप ले चुकी है। ये अवैध कट स्थानीय दुकानदार या कुछ निजी प्रतिष्ठानों द्वारा अपनी सुविधा के लिए बनाए गए हैं। इसका खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है।
फोरलेन पर 16 ब्लैक स्पॉट
गड़हा गौतम, कप्तानगंज, फुटहिया, गोटवा, पचवस, विक्रमजोत, मुरादीपुर, भदावल, बड़हरकला, मूड़घाट, पॉलिटेक्निक चौराहा, सबदेइयाकला, पटेल चौक, परसाहज्जाम, खझौला, मुजहना को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है। इन जगहों पर सड़क सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है।
वाहन की टक्कर से वृद्धा और बाइक सवार की हो चुकी है मौत
भदावल बाजार में पहला हादसा 8 मई की शाम करीब 6.40 बजे हुआ। भदावल गांव निवासी अजोरा देवी (78) पत्नी राम प्यारे बाजार में सड़क पार कर रही थीं। तभी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में 9 मई को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। दूसरा हादसा 9 मई की देर रात हुआ। भदावल बाजार निवासी बृजेश उर्फ राकेश कुमार (26) बाइक से घर लौट रहे थे। तभी पीछे से आए तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। केजीएमयू लखनऊ में इलाज के दौरान 13 मई की सुबह उनकी मौत हो गई। इन हादसों के बाद क्षेत्रीय लोग गुस्से में है। उनका कहना हैं कि यदि अवैध कट बंद करके हाईवे की सुरक्षा मजबूत नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।
हर्रैया से कप्तानगंज के बीच संवेदनशील अवैध कट
तेनुआ में एक, भदावल- 4, खैरी- एक, रजौली- दो, बेहरा झलिहवा- 3, महराजगंज पुल- एक, तेलियाडीह में एक अवैध कट हैं।
इंटरसेप्टर वाहन का प्रयोग कम
हाईवे पर वाहनों की रफ्तार थामने के लिए दो साल पहले ही परिवहन विभाग की तरफ से व्यवस्था बनाई गई थी। इसके लिए शासन से इंटरसेप्टर वाहन मुहैया कराया गया था। इस वाहन के जरिये हाईवे पर अधिक रफ्तार से चलने वाले वाहनों पर चालान की कार्रवाई होनी थी। कुछ दिन बाद यह व्यवस्था ठप हो गई। परिवहन विभाग के अनुसार सामान्य दिनों में फोरलेन पर वाहनों के रफ्तार का मानक अधिकतम 60 से 80 किमी प्रतिघंटा है। भारी वाहन 60 और कार-जीप 80 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चल सकते हैं। ठंड के मौसम में रफ्तार की सीमा 20 किमी प्रतिघंटा दी जाती है।
कोट
फोरलेन पर अवैध कट बंद कराने का कार्य बहुत जल्द किया जाएगा। इसके लिए निर्माण टीम को निर्देश दिया गया है। ब्लैक स्पॉट और वैध कटों पर संकेतक भी लगवाए जाएंगे। वैसे अधिकांश वैध कटों पर ब्रेकर बनवाए गए हैं।
-ललित प्रताप, परियोजना प्रबंधक, एनएचएआई।