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गेहूं खरीद के लिए क्रय केंद्रों को मिले हैं 13 करोड़

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सल्टौआ में बंद पड़ा क्रय केंद्र। - फोटो : amar ujala
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बस्ती। जिले में गेहूं खरीद को लेकर जहां सभी संसाधन केंद्रों पर मौजूद हैं, वहीं, धन की भी कहीं कोई कमी नहीं है। शासन ने खाद्य विभाग सहित सभी एजेंसियों को क्रय केंद्र वार धन आवंटित कर रखा है। 153 क्रय केंद्रों को पहली किस्त का करीब 13 करोड़ रुपये दिया जा चुका है। खरीद के बाद किसानों को उनके खाते में भुगतान दिया जाएगा। 
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जिले में इस बार खरीद का लक्ष्य 84,500 मीट्रिक टन तय किया गया है। इसके लिए कुल 153 केंद्र स्थापित हैं। इनमें सर्वाधिक 82 केंद्र पीसीएफ तो खाद्य विभाग ने इस बार 38 केंद्र खोले हैं। एजेंसीवार केंद्रों को धनावंटन भी किया गया है। इसमें 25 लाख रुपये प्रति केंद्र खाद्य विभाग को, तीन लाख रुपये प्रति केंद्र पीसीएफ को, यूपीएसएस को दो लाख रुपये प्रति केंद्र, कर्मचारी कल्याण निगम व यूपी एग्रो को प्रति केंद्र पांच लाख रुपये जबकि यूपीपीसीयू को प्रति केंद्र तीन लाख रुपये दिया गया है। एफसीआई इस बार एक केंद्र संचालित कर रही है, जहां जरूरत भर को धन उपलब्ध है। पीसीएफ को अग्रिम धन उपलब्धता के बाद शेष धन तब आवंटित होगा जब वे अग्रिम दिए गए धन का उपयोग कर लेगी। यानी गेहूं डिलिवरी के बाद ही उसे शेष धन मुहैया होगा। डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ पांडेय ने बताया कि अभी केवल 95 केंद्र सक्रिय हैं। चूंकि अभी खरीद ने रफ्तार नहीं पकड़ी है। खाद्य विभाग के पास धन की कोई कमी नहीं है। जैसे-जैसे खरीद का ग्रॉफ बढ़ेगा। वैसे-वैसे भुगतान भी किया जाएगा। डिप्टी आरएमओ ने कहा कि सप्ताह भर में खरीद तेज हो जाएगी। इस बार किसान अपना गेहूं किसी भी केंद्र पर बेच सकता है। बशर्ते उसका पंजीकरण हो।

यहां खरीद शुरू नहीं, किसान परेशान
सल्टौआ। क्षेत्र में गेहूं क्रय केंद्रों पर अब तक खरीद शुरू नहीं हुई है। इसके चलते तमाम किसान अपनी उपज बेचने के लिए परेशान हैं। किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य मिल सके। इसके लिए क्षेत्र के साधन सहकारी समिति भिरिया, सल्टौआ, कोठिला को क्रय केंद्र बनाया गया है। लेकिन अभी यहां न तो बोरा है और न धन ही उपलब्ध है। किसान गंगाराम, रंगीलाल, अष्टभुजा, नंदलाल चौधरी, जगराम चौधरी, रमेश कुमार, दिनेश कुमार ने बताया कि गेहूं की कटाई पूरी हो गई है। अब उसे बेचना है। क्रय केंद्र पर जाने पर बताया जा रहा है कि अभी रुपये व बोरा उपलब्ध नहीं है। संसाधन उपलब्ध होते ही खरीदारी शुरू कर दी जाएगी। कहते हैं कि यदि समय से गेहूं नहीं बेच पाए तो बच्चों की पढ़ाई व शादी के कार्य प्रभावित होंगे। एडीओ कोऑपरेटिव रमाकांत शुक्ल का कहना है कि एक सप्ताह के अंदर बोरा व उपलब्ध होने पर गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीदारी शुरू कर दी जाएगी।
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