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बिना काम कराए 12.68 लाख का हुआ भुगतान, शिकायत

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कुदरहा ब्लॉक के ग्राम मसुरिहा का वह स्थान, जिसे कागजों में तालाब दिखाया गया है। - फोटो : BASTI
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बिना काम कराए 12.68 लाख का हुआ भुगतान, शिकायत
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- कुदरहा ब्लॉक के मसुरिहा गांव का मामला
- एक वर्ष बाद कराए गए काम का नाम बदलकर किया गया भुगतान
- मौके पर आबादी, कागज में जालसाजों ने बना दिया है तालाब
नीरज श्रीवास्तव
बस्ती। कुदरहा ब्लॉक के ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों में लगातार भ्रष्टाचार की शिकायत डीएम से लगायत सीएम तक भेजी जा रही है। बावजूद इसके जिम्मेदारों के हौसले बुलंद हैं। ब्लॉक क्षेत्र के मसुरिहा गांव में निर्माण कार्यों में 12.68 लाख रुपये के भ्रष्टाचार की शिकायत डीएम से की गई है। इसमें मसुरिहा ग्राम पंचायत में तीन निर्माण कार्यों पर वर्ष 2021-22 में दो बार भुगतान किया गया है। इसके अलावा एक तालाब की खुदाई कागज में कर तीन लाख पचहत्तर हजार रुपये डकार लिया गया है।
सूबे की सरकार जीरो टॉरलेंस पर काम करने का दावा करती है, मगर कुदरहा ब्लॉक पर नजर डाली जाए तो इस क्षेत्र से अब तक विभिन्न ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों में करोड़ों रुपये के गोलमाल की शपथपत्र के साथ सैकड़ों शिकायतें आलमारी में बंद हैं। चर्चा तो यहां तक है कि ग्राम पंचायत से लेकर जिले तक अधिकारी ठेकेदार व जनप्रतिनिधियों की तिकड़ी जांच को मुकाम तक पहुंचने ही नहीं देती। एक बार फिर मसुरिहा गांव के धीरेंद्र सिंह ने शपथ पत्र के साथ डीएम से ग्राम पंचायत की ओर से निर्माण कार्यों में किए गए भ्रष्टाचार की शिकायत साक्ष्य सहित की है।
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इन कार्यों में हुआ भ्रष्टाचार
निर्माण कार्यों में मसुरिहा पिच रोड से टिटिहरी तक पटरी मरम्मत का कार्य 2020-21 में 3.18 लाख खर्च कर कराया गया। इसी कार्य को नाम बदल कर जनार्दन सिंह के घर से मसुरिहा सरहद तक सड़क पटाई का काम दिखाकर 2021-22 में 3.11 लाख रुपये का भुगतान लिया गया है।
इसी तरह वर्ष 2020-21 में टिटिहरी में रामचेत के खेत के पास पोखरा खुदाई का कार्य 1.95 लाख में कराया गया, जबकि 2021-22 में इसी कार्य का नाम टिटिहरी गांव के उत्तर ताल खुदाई रखकर 1.87 लाख का भुगतान लिया गया है।
वर्ष 2020-21 में वीरेंद्र सिंह के घर के पीछे पोखरा खुदाई का कार्य 1.90 लाख में कराया गया। इसी कार्य को 2021-22 में नाम बदल कर वीरेंद्र के खेत के पास ताल खुदाई का कार्य 3.95 लाख में कराकर भुगतान लिया गया है।
यही नहीं वर्ष 2021-22 में नीरज के घर के सामने ताल खुदाई के नाम पर 3.75 लाख रुपये निकाल लिए गए, मगर यह ताल केवल कागजों में है और वहां अभी भी आबादी है।
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बोले सीडीओ
सीडीओ डॉ. राजेश प्रजापति ने कहा कि मामले में शिकायत की जांच के लिए डीएम की ओर से अधिकारी नामित किए गए हैं। जांच के बार रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। शिकायत सही पाई गई तो दोषी बक्शे नहीं जाएंगे।
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