डीएम ने जांची अस्पताल की व्यवस्था
एसडीएम को भी दिए अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। जिला अस्पताल में व्यवस्थागत ढांचे को जानने के लिए बुधवार को डीएम डॉ. राजशेखर अचानक पहुंच गए। यहां अस्पताल का निरीक्षण किया और व्यवस्था को सही ढंग से रखने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने पीआईसीयू में 15 शैय्या बढ़ाने के शासन के निर्देशों की जानकारी सीएमओ डॉ. जेएलएम कुशवाहा से ली।
डीएम ने अस्पताल में सफाई करने, दवाओं की उपलब्धता बनाये रखने तथा बरसात के मौसम में सांप काटने के बाद उपचार करने, चिकित्सकों को समय उपलब्ध कर मरीजों का उपचार करने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह इलाका जेई और एईएस से प्रभावित क्षेत्र है। इसलिए टीकाकरण की कार्रवाई शत-प्रतिशत पूरी की जाए। इस मौके पर एसआईसी डॉ. ओपी सिंह, डॉ. राम प्रकाश, डॉ. विजय यादव, डॉ. पंकज शुक्ल सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
वाल्टरगंज प्रतिनिधि के अनुसार डीएम के निर्देश पर तहसीलदार नवीन प्रसाद ने सल्टौआ स्थित स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने उपस्थिति पंजिका जांची, जिसमें सभी कर्मी मौजूद पाए गए। उसके बाद जेई वार्ड का निरीक्षण किया, बरामद में खड़ी गाड़ियों को हटाने के निर्देश दिए। दवाओं की उपलब्धता की जांच की। बताया गया कि एंटी रैबीज वैक्सीन जुलाई से ही उपलब्ध नहीं है। तहसीलदार ने प्रसव केंद्र का निरीक्षण किया। यहां स्टाफ नर्स को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन चौधरी, डॉ. मनीष शुक्ला, फार्मासिस्ट राधारमण शुक्ल, एलटी राकेश चौधरी आदि मौजूद रहे।
जिले को तीन मिनी पीआईसीयू की सौगात
गौर, हर्रैया व कुदरहा में हो रहा निर्माण
जिला चिकित्सालय पर नहीं लगानी पड़ेगी चक्कर
अमर उजाला ब्यूरो
गौर। सरकार की ओर से स्वास्थ्य केंद्रों को बेहतर बनाने एवं मरीजों को अच्छी सुविधा देने के लिए जहां कई तरह की कल्याणकारी योजनाएं संचालित हो रही हैं। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग की ओर से तरह तरह के फरमान जारी हो रहे हैं। जिले में पहली बार तीन स्वास्थ्य केंद्रों पर मिनी पीआईसीयू की सुविधा मिलने जा रही है। इससे अब ग्रामीणांचल के नवजात के इलाज के लिए जिले का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
सीएमओ डॉ. जेएलएम कुशवाहा ने बताया कि शासन से तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को मिनी पीआईसीयू (नवजात सघन चिकित्सा कक्ष) के लिए चुना गया है। इसमें गौर, हर्रैया व कुदरहा सीएचसी शामिल है। जहां पर भवनों का निर्माण चल रहा है। बहुत जल्द नवजात के इलाज की सभी सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। बताया कि यह सुविधा अभी तक जिला अस्पताल में है, लेकिन सरकार ने ग्रामीणांचल को बेहतर सुविधा देने के लिए यह पहल की है। सीएचसी गौर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आनंद कुमार मिश्र ने बताया कि नवजात सघन चिकित्सा कक्ष तीन बेड का होगा। जहां शिशुओं से संबंधित बीमारियों से छुटकारा मिलेगा। बताया कि अभी तक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव कराने के बाद यदि को कोई दिक्कत हो जाती थी तो फौरन जिला अस्पताल के लिए रेफर करना पड़ता था, मगर अब ऐसा नहीं होगा। बताया कि जन्म के बाद नवजात को सांस लेने में दिक्कत होगी या वजन कम होगा और पीलिया जैसे रोगों की बीमारियों का इलाज मिनी पीआईसीयू में संभव होगा।