बस्ती। अप्रैल में लगन शुरू होने के साथ ही कैश की किल्लत शुरू हो गई। अब भी लीड बैंक के मैनेजर को भरोसा है कि दो दिन में स्थितियों पर काबू पा लिया जाएगा। एलबीएम अविनाश चंद्र कहते हैं कि चेस्ट में कैश आ गया है। तीन दिन बैंक बंद होने के बाद भी चेस्ट खुला रखने का निर्देश दे दिया गया है।
यह दावा है लेकिन लगन, एडमिशन और कटाई मड़ाई का खर्च निकालने के लिए हर कोई चक्कर लगा रहा है। जिसके लिए लाइन में धक्के भी खा रहा है। कलवारी के रमेश जैसे कई ऐसे हैं कि शहर में जानने वालों को फोनकर एटीएम की हालत पूछते हैं। नकदी के चक्कर में लोगों को पूरा दिन गुजारना पड़ रहा है। हालात यह कि बैंक के बाहर बैठे खाताधारक कैश वैन आने की राह देखते रहते हैं।
बस्ती शहर में एक दर्जन बैंकों के करीब 42 एटीएम लगे हैं। तीन दिन में सिर्फ एसबीआई, एचडीएफसी, पंजाब नेशनल बैंक और आईसीआईसीआई के लिए एटीएम खुले लेकिन एक बाहर लाइन लगी तो कुछ ही घंटें में जवाब दे गई। कहने को जिले में 27 बैंक हैं लेकिन अधिकतर के एटीएम सिर्फ डिब्बे बन गए हैं। पूरे जिले में इनकी बात करें तो 123 एटीएम लगे हैं। जिनमें 82 एटीएम कस्बों और ग्रामीण बाजारों में स्थापित हैं। लेकिन एक महीने से 70 फीसदी एटीएम डिब्बा बन गए हैं। नकदी की कमी के चलते अधिकांश के शटर गिर चुके हैं।