बिजली निगम को 5.40 लाख क्षतिपूर्ति का आदेश
स्थायी लोक अदालत का फैसला, करंट के शिकार बच्चे का काटा गया था हाथ
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष न्यायाधीश राधेकृष्ण, सदस्य बीना सिंह व मंजुला मिश्रा ने 11 हजार वोल्ट के करंट का शिकार हुए बालक को 5.40 लाख रुपये क्षतिपूर्ति का आदेश दिया है। इस हादसे में बालक का हाथ काट देना पड़ा था।
मुंडेरवा क्षेत्र के किठुरी गांव निवासी आठ वर्षीय राजवीर की तरफ से पीयूष श्रीवास्तस्व एडवोकेट ने क्षतिपूर्ति का मुकदमा दाखिल किया। घटना दो जुलाई 2014 की है। ट्रैक्टर ट्रॉली पर बैठकर राजवीर को गांव की तरफ जा रहे थे। समय करीब 1:30 बजे दिन में बारिश के चलते ट्रैक्टर चालक ने वाहन को रोक दिया था। जहां ट्रॉली खड़ी थी, वहीं 11 हजार वोल्ट का तार नीचे लटक रहा था। दुर्भाग्यवश राजवीर का बायां हाथ तार के संपर्क में आ गया। इससे हाथ झुलस गया। जख्म में सड़न होने लगी। डॉक्टर को विवश होकर राजवीर का बायां हाथ काटना पड़ा। इसके लिये विद्युत निगम का लापरवाही पूर्ण रवैया मानते हुए क्षतिपूर्ति की याचना की गई। दोनों पक्षों की सुनने के बाद अदालत ने राजवीर के पक्ष में फैसला सुनाया। फैसले में न्यायाधीश ने चार लाख रुपये बालक के भविष्य के लिए पांच साल की योजना में जमा करने, जबकि ।.14 लाख रुपये बालक के पिता को उसकी देखरेख और पढ़ाई के लिए देने का आदेश बिजली निगम को दिया है।