अधिकारियों की लापरवाही के चलते जन शिकायतों के निस्तारण के मामले में अव्वल रहने वाला जिला 48वें स्थान पर पहुंच गया है। इन सभी पर मुख्यमंत्री से संदर्भ शिकायतों को समय से निस्तारण न करने का आरोप है। इसे लेकर डीएम अरविंद सिंह ने आठ अधिकारियों जिसमें एसडीएम और एएसपी शामिल हैं को डिफाल्टर घोषित कर कार्रवाई करने की चेतावनी जारी की है। शिकायतों के निस्तारण के लिए इन अफसरों को दो दिन का समय दिया गया। उसके बाद वेतन काटने को चेताया गया है।
एडीएम भगवान शरण ने बताया कि डीएम ने उन सभी आठ अफसरों को डिफाल्टर की श्रेणी में रखा है, जिन्होंने मुख्यमंत्री संदर्भ की शिकायतों का निस्तारण 21 दिन में नहीं किया। बताया कि जिन अफसरों को डिफाल्टर घोषित किया गया उनमें पीडी डीआरडीए, एसडीम हर्रैया व एसडीएम रूधौली, सीएमओ, जिला विकास अधिकारी, ईओ नगरपालिका, एएसपी और एक्सईएन विद्युत द्वितीय का नाम शामिल है। बताया कि इसके अतिरिक्त 17 अन्य उन जन सूचना अधिकारियों को चेतावनी दी गई जिन्होंने पोर्टल पर किए गए शिकायतों का समय रहते निस्तारण नहीं किया। बताया कि इनमें एसडीएम हर्रैया, भानपुर व रूधौली, बीडीओ गौर, बीडीओ बनकटी, एक्सईएन विद्युत द्वितीय, पीडी डीआरडीए, एसओसी, सीएमओ, बीएसए, उपायुक्त मनरेगा, डीपीआरओ, ईओ नगरपालिका, जिला विकास अधिकारी, डीएसओ, एक्सईएन जल निगम, एक्सईएन विद्युत प्रथम का नाम शामिल है।
एडीएम ने बताया कि वह जिले को टॉप टेन में लाना चाहते हैं, और इसके लिए वह प्रत्येक तहसीलों में जाएंगे और लंबित शिकायतों के निस्तारण में आ रही कठिनाईयों को जाने का प्रयास करेंगे, और उसका निदान करेंगे। बताया कि समाधान दिवस में आने वाल शिकायतों के प्रभावी निस्तारण के लिए योजना बनाई जा रही है। बताया कि इसके तहत इस दिवस के दिन लेखपाल, पुलिस और पीड़ित पक्ष तीनों को मौके पर बुलाया जाएगा, ताकि समस्याओं का समाधान हो सके।